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धर्मशाला: सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने 15 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, मैक्लोडगंज बस स्टैंड का किया लोकार्पण

Wed, 24 May 2023 08:23 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला

सार

सीएम सुक्खू ने धर्मशाला में हिमाचल पथ परिवहन निगम की 15 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मैक्लोडगंज बस अड्डे का लोकार्पण और 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले धर्मशाला बस अड्डे का भूमि पूजन किया।
 
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सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पहली बार 15 इलेक्ट्रिक बसों को धर्मशाला बस स्टैंड में शामिल किया गया है। आने वाले तीन-चार साल में धर्मशाला बस स्टैंड पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों से लैस हो जाएगा। यह बात सीएम सुक्खू ने धर्मशाला में हिमाचल पथ परिवहन निगम की 15 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना करने के दौरान कही। उन्होंने 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मैक्लोडगंज बस अड्डे का लोकार्पण और 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले धर्मशाला बस अड्डे का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पास वर्तमान में 75 इलेक्ट्रिक बसें हैं। 15 नई इलेक्ट्रिक बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त जल्द ही शिमला में 20 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी, जिससे एचआरटीसी की कुल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 110 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 75 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं और 25 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों के लिए जून में निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

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उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत ई-बस, ई-ट्रक और ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे संचालकों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने मैक्लोडगंज-भागसू सुरंग के निर्माण के लिए सर्वेक्षण करवाने का आश्वासन दिया, ताकि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जा सके। इससे पहले स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए ई-बस सेवा शुरू करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नए बस अड्डों के निर्माण से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय निवासियों को भी अधिक सुविधा प्राप्त होगी। इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, विधायक सुधीर शर्मा, संजय रत्न, भवानी सिंह पठानिया, केवल सिंह पठानिया, मलेंद्र राजन, प्रधान सलाहकार (आईटी एंड इनोवेशन) गोकुल बुटेल, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, उपायुक्त डॉ. निपुन जिंदल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया इलेक्ट्रिक बस में सफर
धर्मशाला बस स्टैंड में बुधवार को इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी इलेक्ट्रिक बस में सफर करने का आनंद लिया। बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री मैक्लोडगंज के लिए इलेक्ट्रिक बस में रवाना हुए। मैक्लोडगंज में नवनिर्मित बस स्टैंड के लोकार्पण के बाद सीएम ने धर्मशाला वापसी में रोप-वे में सफर किया।
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खुद ही तिलक लगाने लगे सुधीर शर्मा
बस स्टैंड धर्मशाला की भूमि पूजन के दौरान धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा खुद ही मौजूद विधायकों और अधिकारियों को तिलक लगाने लगे। पूजा के दौरान सुधीर शर्मा ने विधायक केवल सिंह पठानिया, किशोरी लाल, मलेंद्र राजन और एचआरटीसी निदेशक संदीप कुमार, पूर्व विधायक अजय महाजन को तिलक लगाया।

एचआरटीसी प्रबंधन ने सीएम को किया बस का मॉडल भेंट
बस स्टैंड धर्मशाला में एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू को नई एचआरटीसी बसों का मॉडल भेंट किया गया।

धर्मशाला से टांडा जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगी इलेक्ट्रिक बस की सुविधा
एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से इलेक्ट्रिक बसों के रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। इनमें दो बसें धर्मशाला-मैक्लोडगंज रूट पर सेवाएं देंगी। वहीं धर्मशाला-टांडा वाया बंडी के लिए भी बस का रूट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा धर्मशाला-कांगड़ा वाया कनेड़ जाने वाले यात्री भी इलेक्ट्रिक बस का लुत्फ उठाएंगे। वहीं धर्मशाला से स्लेट गोदाम वाया कस्बा नरवाणा के यात्रियों को भी इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने का मौका मिलेगा।

जायका परियोजना से विकसित होंगे विभिन्न प्रजातियों के साठ लाख पौधे
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में आयोजित जायका की वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजनाओं (एनआरएम) की तीन दिवसीय 12वीं वार्षिक कार्यशाला को धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 28 प्रतिशत हरित आवरण है और प्रदेश सरकार ने वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में उन्नत तकनीकों की मदद से 4 हजार 600 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर पौधरोपण किया गया है। सामुदायिक और वानिकी उद्देश्यों के लिए परियोजनाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली पौध तैयार करने तथा 60 लाख से अधिक महत्वपूर्ण गुणवत्तापूर्ण प्रजातियों के पौधे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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