मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कहा कि साढ़े तीन साल के लिए यह उपचुनाव होने जा रहा है। सुक्खू ने तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के बारे में कहा कि इन क्षेत्रों में मतदाताओं की ओर से निर्दलीय विधायक चुने गए थे जो विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश सरकार या विपक्ष का साथ दे सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सदस्यता को त्यागने का निर्णय किस आधार पर लिया है, यह बात उन्हें जनता के सामने रखनी चाहिए। इसके पीछे एक बात तो स्पष्ट नजर आती हैं कि इन्होंने कहीं न कहीं निर्दलीय के तौर पर अपनी विधायकी बेची है।
यह भी देखना होगा कि क्या भाजपा इन पूर्व तीन निर्दलीय विधायकों को अपना प्रत्याशी घोषित करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि इन तीन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता इन पूर्व विधायकों से यह प्रश्न करेंगे कि जब उन्हें पांच वर्षों के लिए अपने क्षेत्र का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था तो फिर उन्होंने किन कारणों के चलते राज्य पर उपचुनाव का बोझ डाला। उन्होंने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। कहा कि पीएम से मिलकर हिमाचल के लिए आपदा राहत पैकेज की मांग करेंगे। आपदा के समय केंद्र से कोई राहत पैकेज नहीं मिला था। उन्होंने जेपी नड्डा के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर खुशी जताई। साथ ही कहा कि अगर अनुराग भी मंत्री बनते तो अच्छा था। केंद्रीय कैबिनेट में दो-दो मंत्री होते। केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनने का प्रदेश को लाभ होता है।