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Himachal: सीएम सुक्खू बोले-तकनीकी प्रशिक्षुओं के लिए नीति तैयार करने पर विचार कर रही सरकार

Wed, 12 Jun 2024 10:50 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सरकार प्रशिक्षुता नीति तैयार करने पर विचार कर रही है। छात्रों को विभिन्न सरकारी विभागों में एक वर्षीय प्रशिक्षुता पाठ्यक्रम प्रदान किया जाएगा।
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सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तकनीकी शिक्षा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशिक्षुता नीति तैयार करने पर विचार कर रही है। छात्रों को विभिन्न सरकारी विभागों में एक वर्षीय प्रशिक्षुता पाठ्यक्रम प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विभाग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन निजी संस्थानों के विनियमन एवं निगरानी के लिए तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि उद्योगों में आवश्यक कौशल और उपलब्ध प्रशिक्षित श्रम शक्ति की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री ने विभाग को संसाधनों को सुव्यवस्थित करने और दक्षता में सुधार के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) एवं बहुतकनीकी महाविद्यालयों को एक ही परिसर में एकीकृत करने की संभावनाएं तलाशने के भी कहा। युवाओं के लिए आधुनिक पाठ्यक्रम आरंभ करने और उद्योगों में कौशल एवं उपलब्ध प्रशिक्षित श्रम शक्ति की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ बनाने के लिए सीएम ने कहा।

डेढ़ वर्ष में लुथान में बनेगा सीएम आदर्श ग्राम सुख आश्रय परिसर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कांगड़ा के लुथान और मंडी के सुंदरनगर में बनाए जा रहे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसरों को निश्चित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए।  उन्होंने 132 करोड़ रुपये से 400 आश्रितों के लिए बनाए जा रहे परिसर के कार्य को 20 जुलाई 2024 से पूर्व शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस परिसर को डेढ़ वर्ष के भीतर तैयार किया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे अनाथ बच्चों को हॉस्टल की सुविधा न मिलने पर प्रदेश सरकार किराये के रूप में 3,000 रुपये प्रति माह देगी। 

मिड-डे मील में खिचड़ी के बजाय ड्राई फ्रूट देने की संभावनाओं को भी तलाशें 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में खिचड़ी के बजाय ड्राई फ्रूट देने की संभावनाओं को भी तलाशा जाना चाहिए। सिरमौर के कोटला बड़ोग में आदर्श राज्य स्तरीय नशा निवारण केंद्र बनाया जाएगा। जिसके लिए निविदा प्रक्रिया 20 जुलाई, 2024 तक पूर्ण की जाएगी। इसके अतिरिक्त जिला सोलन में कंडाघाट क्षेत्र के टिक्करी में लगभग 300 दिव्यांगजनों को शिक्षा प्रदान करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस निर्मित किया जाएगा। 
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सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
अनाथ बच्चों की कॅरिअर काउंसलिंग के लिए मानक संचालन बनाने को कहा
 सीएम ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को अनाथ बच्चों को कॅरिअर काउंसलिंग प्रदान करने और इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इन बच्चों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी। 
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