आपदा राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे प्रवासी हिमाचलियों को हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, हरित हाइड्रोजन, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना एवं प्रौद्योगिकी और सौर ऊर्जा सहित विभिन्न हरित क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। वीरवार को वर्चुअल माध्यम से यूएई में प्रवासी हिमाचलियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य की प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
सुक्खू ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उन्हें इन क्षेत्रों में निवेश के लिए हरसंभव देगी। मुख्यमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले हिमाचली समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश उनका घर है और किसी प्रकार की कठिनाई की स्थिति में राज्य सरकार उन्हें हरसंभव मदद प्रदान करेगी। पर्यटन विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में शुमार है और कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनकर उभरेगा।
इस उद्देश्य के लिए क्षेत्र में बुनियादी अधोसंरचना के उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, जिले में हेलीपोर्ट की स्थापना और पर्यटकों की सुविधा के लिए सड़कों का सुधार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य और एक दशक के भीतर देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल करने के लिए कार्य कर रही है।
आपदा राहत कोष में दिया 11 लाख का चेक
संयुक्त अरब अमीरात के हिमाचली समुदाय ने संवेदनशीलता व एकजुटता का परिचय देते हुए ‘टीम एक प्रयास’ के सहयोग से मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
सीएम ने स्वीकारा दुबई का न्योता
हिमाचली समुदाय ने आपदा के दौरान युद्ध स्तर पर बचाव एवं पुनर्वास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री से निकट भविष्य में दुबई आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, एनआरआई यूएई के प्रतिनिधि मुनीश गुप्ता और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक 5 अक्तूबर को
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक पांच अक्तूबर को 12 बजे प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में कई अहम निर्णय हो सकते हैं। इसमें आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हो सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में विभिन्न श्रेणियों की भर्तियों के बारे में भी फैसले लिए जा सकते हैं।