ये घोषणाएं भी कीं
पुलिस चौकी मुलथान की आठ पंचायतें, जिनमें बड़ाग्रां, कोठीकोहर, धरान, मुलथान, लुवाई, पोलिंग, स्वार्ड और बड़ा भंगाल शामिल हैं, अब पुलिस स्टेशन बाड़ी के अधिकार क्षेत्र में आएंगी, जिससे 35 गांवों के 7500 लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने चरवाहों के लिए चरागाह भूमि के विकास और वन अधिकार अधिनियम के तहत उनके अधिकारों के संरक्षण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक मार्गों में विकासात्मक परिवर्तनों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान करेगी, पर्यावरण अनुकूल भेड़ और बकरी पालन को बढ़ावा देगी और ऊन संघ और ऊन बोर्ड को मजबूत करेगी। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए चार फीसदी महंगाई भत्ते की घोषणा नहीं हुई। इससे कर्मियों को निराशा ही हाथ लगी है।
2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमाया: सीएम
सुक्खू ने कहा कि हालांकि मौजूदा सरकार को सत्ता में आए हुए दो वर्ष ही हुए हैं, लेकिन स्थिति ऐसी है कि पिछले कर्जों के मूलधन और ब्याज को चुकाने के लिए कर्ज लिया जा रहा है। पिछले दो वित्तीय वर्षों में सरकार ने 30,080 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, जिसमें से 18,854 करोड़ रुपये, जो कुल का लगभग 63 प्रतिशत है, पिछली सरकार की ओर से लिए गए कर्ज के मूलधन और ब्याज को चुकाने में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में 2021-22 में राज्य को 10,249 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला, जो 2023-24 में घटकर 6,258 करोड़ रुपये रह गया तथा अगले वित्त वर्ष में और घटकर 3,257 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्तीय बाधाओं के बावजूद, सरकार ने ऋण पर निर्भरता के बजाय संसाधन सृजन पर जोर दिया है। वर्तमान सरकार ने आबकारी, पर्यटन, ऊर्जा और खनन नीतियों में सुधारों के माध्यम से 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमाया है, जो राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है।
25,000 नए पद भरने की योजना
मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन को प्राथमिकता के रूप में रेखांकित किया, जिसमें पिछली भाजपा सरकार के तहत पांच वर्षों में 20,000 की तुलना में पिछले दो वर्षों में 42,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की गईं हैं। सरकारी क्षेत्र में 12,500 से अधिक पद भरे गए हैं, जिनमें प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 3,202 पद शामिल हैं और 2025 में लगभग 8,000 और पद भरे जाएंगे। इसमें 2,095 टीजीटी, शास्त्री और जेबीटी पद, साथ ही 245 विशेष शिक्षक और 6,297 एनटीटी शिक्षक शामिल हैं। जबकि, उच्च शिक्षा विभाग 1,097 पद भरे गए हैं और 1,337 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमित सीधी भर्ती के माध्यम से 769 कंप्यूटर शिक्षकों और अन्य के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कहा कि पुलिस विभाग में 1,088 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है और 2,061 वन मित्रों के परिणाम घोषित किए गए हैं। इसके अलावा जल शक्ति विभाग में 3,000 पद भरे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान घोटाले के कारण रुकी हुई भर्ती को मंजूरी दे दी गई है, जिसमें 2,273 पद भरे गए हैं। इसके अलावा सरकार विभिन्न श्रेणियों में 25,000 नए पद सृजित करने की योजना बना रही है, जिससे विभिन्न योग्यता वाले बेरोजगार युवाओं को राज्य की सेवा करने का अवसर मिलेगा।
2000 लोगों ने स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी छोड़ी: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की अपील के बाद 2000 लोगों ने स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी छोड़ दी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत शिमला जिले के दत्तनगर में 50,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता का दूध प्रसंस्करण संयंत्र कार्यशील है और कांगड़ा जिले के ढगवार में 1.5 लाख लीटर क्षमता का एक अन्य संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को पर्यटन स्थल के रूप में भी बड़े पैमाने पर विकसित कर रही है। गोबिंद सागर झील में जल क्रीड़ाएं शुरू की गई हैं तथा कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। धर्मशाला के तपोवन में 150 करोड़ रुपये की लागत से देश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। नगरोटा बगवां में 150 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा। धर्मशाला के सकोह में 34 करोड़ रुपये की लागत से ऑल वेदर रोलर आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जा रहा है। पालमपुर और नगरोटा बगवां के लिए 78 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण परियोजनाएं बनाई जा रही हैं। रक्कड़ और पालमपुर में हेलीपैड बनाए जाएंगे।
शिमला में 1600 करोड़ से बन रहा रोपवे
उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देहरा के बनखंडी में 600 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूलोजिकल पार्क बनाया जा रहा है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण कार्य प्रगति पर है, जिसके लिए 3500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में 1600 करोड़ रुपये की लागत से विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे बनाया जाएगा और राजधानी में विश्व स्तरीय आइस और रोलर स्केटिंग रिंक के साथ वेलनेस सेंटर भी बनाया जाएगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक किशोरी लाल, संजय रतन, आशीष बुटेल, कमलेश ठाकुर, रणजीत सिंह और मलेंद्र राजन, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, पूर्व विधायक अजय महाजन, अध्यक्ष संजय चौहान और राम चंद्र पठानिया, एपीएमसी अध्यक्ष निशु मोंगरा, पूर्व सीपीएस जगजीवन पॉल, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, करण पठानिया और जीवन ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
बैजनाथ के लिए 70.26 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन किए
सुक्खू ने पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के बाद बैजनाथ के लिए 70.26 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन किए। उन्होंने बैजनाथ-पपरोला के लिए 44 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बीड़ में 9.23 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन तथा कुमारदा से माधोनगर नैन भनखेड़ तक 2.91 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण परियोजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने बीड़ में विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल पर नौ करोड़ रुपये की लागत से पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया तथा क्योरी (बीड़) के निकट दो पार्किंग सुविधाएं तथा 5.12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पैराग्लाइडिंग लैंडिंग स्थल को जनता को समर्पित किया। बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल ने इन परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजनाएं बिना किसी पूर्व अनुरोध के बनाई गई हैं, जो क्षेत्र के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।