क्या होते हैं चिलिंग ऑवर
सेब की अच्छी फसल के लिए बगीचों में प्रसुप्त अवस्था के दौरान न्यूनतम तापमान 7 डिग्री से कम रहना चाहिए। सेब की किस्मों के अनुसार 700 से 1600 घंटे चिलिंग ऑवर की जरूरत रहती है। बर्फ गिरने पर पौधों की यह जरूरत कम समय में पूरी हो जाती है, लेकिन बिना बर्फ गिरे भी तापमान 7 डिग्री से कम चल रहा हो तो भी चिलिंग ऑवर पूरे हो जाते हैं। सेब की स्पर किस्मों के लिए 600 से 700 घंटे, जबकि पुरानी रॉयल डिलीशियस किस्मों के लिए 1200 से 1600 घंटे चिलिंग ऑवर होने चाहिए।
पिछे वर्षों में हिमाचल में सेब उत्पादन
वर्ष सेब उत्पादन
2022-23 - 6,72,343
2023-24 - 5,06,687
2024-25 - 4,18,774
(सेब उत्पादन मीट्रिक टन में)
चिलिंग ऑवर पूरे न होने से पिछले दो साल से फसल प्रभावित हो रही है। नमी न होने से इस साल भी फसल प्रभावित होने का अंदेशा है। फरवरी में अच्छी बारिश की जरूरत रहेगी, फ्लावरिंग के समय मौसम साफ रहेगा तभी अच्छी फसल की उम्मीद की जा सकती है।- लोकेंद्र सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन, हिमाचल
चिलिंग ऑवर पूरे होने के लिए अभी समय बाकी : डाॅ. दिनेश
अन्य फसलों की तरह सेब पर भी जलवायु परिवर्तन का असर पड़ रहा है। बर्फबारी का समय भी बदल गया है। कुछ इलाकों में चिलिंग ऑवर सही चल रहे हैं, अभी चिलिंग ऑवर पूरे होने के लिए समय बाकी है। सेब की नई किस्मों के लिए बहुत अधिक चिलिंग ऑवर की जरूरत नहीं रहती।- डाॅ. दिनेश ठाकुर, सहायक निदेशक, क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा