बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों-बागवानों को लाभान्वित करने के निरंतर प्रयास कर रही है। पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) प्रदेश के बागवानों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने यह जानकारी उद्यान विभाग और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आरडब्ल्यूबीसीआईएस की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि योजना वास्तविक आधार पर होनी चाहिए। राज्य में बागवान फलों की खेती में उच्च घनत्व वाले पौधों की ओर रुख कर रहे हैं।
वर्तमान टर्म शीट मानक पौधों के अनुसार बनाई गई है लेकिन इसे उच्च घनत्व वाले पौधों के लिए अद्यतन किया जाना चाहिए। ताकि, बागवानों को वास्तविक समय और परिस्थितियों के अनुसार योजना के तहत लाभ प्रदान किया जा सके। दावों को प्रमाणित करने के लिए किसानों को मौसम आधारित डेटा भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जगत सिंह नेगी ने कहा कि उद्यान विभाग को शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। राज्य में तीन क्लस्टर हैं। इन क्लस्टरों में योजना के तहत चार जिले शामिल हैं। योजना में पहली बार अनार, लीची और अमरूद की फसल शामिल की जाएगी। इस अवसर पर निदेशक उद्यान संदीप कदम, हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के निदेशक देवेंद्र ठाकुर, संयुक्त निदेशक उद्यान हेम चंद शर्मा मौजूद रहे।