शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में शिमला संसदीय सीट को लेकर आयोजित बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना की तरह हिमाचल में भी प्यारी बहना योजना के तहत महिलाओं को धनराशि जारी करने की मंजूरी मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेताओं ने सिर्फ हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली मदद को रुकवाने का काम किया है। पहले तो आपदा के दौरान केंद्र सरकार से हिमाचल की सहायता रोकी गई। फिर पुरानी पेंशन बहाल करने पर प्रदेश को मिलने वाली ग्रांट रुकवाई। अब महिलाओं को हर महीने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना के तहत मिलने वाले 1500 रुपयों को रुकवाया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने महिलाओं को फॉर्म भरने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी से दगा करने वाला कोई भी नेता अब कभी जीत नहीं पाएगा। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में शिमला संसदीय सीट को लेकर आयोजित बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना की तरह हिमाचल में भी प्यारी बहना योजना के तहत महिलाओं को धनराशि जारी करने की मंजूरी मिलनी चाहिए।
इस योजना की घोषणा चुनाव आचार संहिता लगने से पहले की गई है, ऐसे में भाजपा के कहने पर इस योजना को रोका नहीं जाना चाहिए। सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में भ्रष्टाचारी नेताओं को बेनकाब कर सबक सिखाने का समय आ गया है। जिस प्रकार से भाजपा ने एक षड्यंत्र रचकर सरकार को अस्थिर करने का असफल प्रयास किया है, उससे इनका असली चेहरा देश व प्रदेश के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की चारों लोकसभा व छह विधानसभा उप चुनावों में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसके लिए पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने को कहा।
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सांसद कश्यप से पूछा, आपदा में कहां छिप गए थे
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में जब प्राकृतिक आपदा आई, तब भाजपा के सांसदों ने दिल्ली में आवाज नहीं उठाई। प्रदेश विधानसभा में भी जब आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का संकल्प आया, तब भाजपा विधायकों ने इसका समर्थन नहीं किया। सभी भाजपा सांसदों और विशेष तौर पर शिमला के सांसद सुरेश कश्यप को यह जवाब देना चाहिए कि हिमाचल में आई आपदा के वक्त वह कहां छिप गए थे। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष भी आपदा के वक्त छिपे रहे।