सुक्खू ने कहा कि बैंकों में कई वर्षों से बंद पड़े सरकारी खाते पैसा जमा करवाकर चालू करवाए जाएंगे। अधिक ब्याज देने वाले बैंकों में ही सरकारी विभागों का पैसा जमा करवाया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों में विभिन्न विभागों की एफडी से 500 करोड़ रुपये का ब्याज सरकार की ट्रेजरी में जमा हो गया है। इधर, सीएम ने कहा कि पर्यटन विकास निगम के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट का निजीकरण करने का सरकार का कोई विचार नहीं है। पर्यटन विकास निगम ही सभी होटलों और रेस्टोरेंट का संचालन करेगा। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री ने सदन में यह जानकारी दी।
जिस विभाग को जरूरत होगी, उसे जारी करेंगे बजट
विधायक रणधीर शर्मा ने पूछा कि एफडी जिन विभागों की थी, क्या उसका पैसा उन्हीं विभागों में खर्च होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग ट्रेजरी के अधीन होते हैं और जिसे जरूरत होगी, उस विभाग को बजट जारी किया जाएगा। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि खाते नान ऑपरेटिव क्यों हुए। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
परमार बोले, पिछले वर्ष बताया 34,980 नौकरियां दीं, अब आंकड़ा 23,191 कैसे हो गया
भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि पिछले साल सरकार से जवाब आया था कि 34,980 को रोजगार दिया गया है। अब 15 अगस्त के दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि 23,191 को रोजगार दिया गया है। यह अंतर कैसे आया। मुख्यमंत्री का कथन विरोधाभासी है। इसके लिए उन्हें युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान पांच साल में पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था। इस हिसाब में ढाई वर्ष में ढाई लाख को रोजगार मिलना चाहिए था, वह क्यों नहीं मिला।
देहरा की विधायक को भाजपा की दया से लगी सैलरी
भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों को 1500 रुपये की पेंशन तो सरकार ने दी नहीं लेकिन भाभी को पेंशन जरूर लगवा दी। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर को पेंशन नहीं लगी है, बल्कि सैलरी लगी है और यह भाजपा की दया से लगी है। यदि ऐसी ही दया रही तो कई महिलाओं को सैलरी लग जाएगी। सीएम ने कहा कि विपक्ष ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। यदि वे झूठ बोल रहे हैं तो उनके खिलाफ प्रिविलेज लाया जाए।
तीन मंत्रियों से लड़ रहा हूं, मेरे गले को दबाया हुआ है : बलबीर वर्मा
चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा ने आपदा पर चर्चा के दौरान कहा, मैं तीन मंत्रियों से लड़ रहा हूं, मेरा गला दबाया हुआ है, अध्यक्ष महोदय मेरी ओर ध्यान दीजिये। चौपाल की एक लाख जनता का हक सरकार अन्य क्षेत्रों को दे रही है। बजट आवंटन में सौतेला व्यवहार हो रहा है, आपदा राहत के लिए चौपाल को तीन साल में 10 करोड़ मिले हैं अन्य विधानसभा क्षेत्रों को 34 करोड़ तक दिए गए। मुख्य सड़क पर 8-8 घंटे जाम लगने से सेब की क्वालिटी खराब हो रही है और बागवानों को अच्छे रेट नहीं मिल रहे।
केंद्र से मदद मिलने पर ही मिल सकती है राहत विवेक
नियम-67 में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक विवेक शर्मा ने कहा की जब तक केंद्र सरकार से प्रदेश को आपदा राहत राशि नहीं मिलती तब तक प्रभावितों को पर्याप्त मदद नहीं हो पाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि विपक्ष के नेतृत्व में आपदा राहत मांगने के लिए दिल्ली जाने को तैयार हैं। प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर आपदा प्रभावितों को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किया है। आपदा से ऊना जिला में भी भारी क्षति हुई है। 8 अगस्त की बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया और करोड़ों का नुकसान हुआ।