मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी 50 हजार में होगी, नेरचौक में कैथ लैब स्थापित होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मंडी ने भाजपा को नौ सीटें दीं, पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री भी मंडी जिले से थे, लेकिन मेडिकल कॉलेज नेरचौक के हाल भी बदतर थे। उन्होंने कहा कि आज से हमने नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा, 'प्राइवेट अस्पताल में यह ऑपरेशन पांच लाख से होता है, जबकि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में यह ऑपरेशन 50 हजार रुपये में होगा। नेरचौक में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 12 करोड़ रुपये दिए।' सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कभी भी पुरानी पेंशन स्कीम बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट में ओपीएस दी और यह किसी भी राजनीतिक मंशा से नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक सरकारी कर्मचारी के बेटे हैं और किसी भी कीमत पर पुरानी पेंशन को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का हित सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एरियर भी देगी और हर चुनौती का सामना करेंगे।
भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों में पीछे भेजेंगे: सीएम
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों की सूची तैयार की जाएगी और जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। चिट्टे के कारोबार में संलिप्त कोई भी व्यक्ति नहीं बचेगा, कर्मचारी बर्खास्त होंगे और चिट्टा तस्करों की संपत्ति नेस्तनाबूद कर दी जाएगी। भाजपा को हिमाचल विरोधी करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान भाजपा बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते थे, जबकि पूरी कांग्रेस सरकार प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी थी। लेकिन जब हिमाचल को केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज दिलाने का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक नारे लगाते हुए विधानसभा से बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए नियमों में संशोधन कर वृद्धि की। वर्ष 2023 में पूरा घर नष्ट होने पर सात लाख दिए गए, जबकि इस वर्ष 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। आरडीजी पर भी राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन वहां भी हिमाचल के अधिकारों के लिए भाजपा साथ नहीं खड़ी हुई। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल को उसके अधिकार दे दिए गए तो हमें किसी से कुछ भी मांगने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा आज पांच गुटों में बंटी है। उन्होंने कहा कि नाचन के विधायक विनोद कुमार को भी भाजपा के बाकी चार गुटों से खतरा है।
पूर्व भाजपा सरकार ने 5,000 करोड़ की रेवड़ियां बांट दीं: सुक्खू
सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए 5000 करोड़ रुपये की रेवड़ियां बांट दीं। चुनाव से छह महीने पहले पूरे प्रदेश में अनेकों संस्थान खोल दिए। स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों को स्तरोन्नत किया गया, जिसके लिए स्टाफ का कोई प्रावधान नहीं किया गया। दूसरे संस्थान से स्टाफ ट्रांसफर किए गए जिससे दोनों संस्थानों के शिक्षा स्तर में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामले में राज्य देश भर में 21वें स्थान पर पहुंच गया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने रिक्त पदों को भरा और आज हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों के बच्चे भी सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ना चाहते हैं। इसीलिए हमने प्रदेश में सीबीएसई स्कूल खोलने की शुरुआत की है। सीएम ने नाचन के तीन स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित बनाने की घोषणा की और कहा कि तीन महीने में तीन हजार अध्यापकों की भर्ती सीबीएसई अध्यापकों की भर्ती की जाएगी। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने कहा कि वह लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया और वह इस कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्य सरकार को भरपूर साथ देंगे।
मुख्यमंत्री ने वीआईपी सोफा हटवाकर साधारण कुर्सी पर बैठकर जीता जनता का दिल
नाचन विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एक बार फिर अपने सादगीपूर्ण व्यवहार से प्रदेशवासियों का दिल जीत लिया। जनसभा में मुख्यमंत्री के लिए मंच पर विशेष रूप से एक बड़ी वीआईपी कुर्सी लगाई गई थी। जैसे ही मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे और उस कुर्सी पर बैठे, उन्होंने बिना देर किए उसे पीछे हटाने को कहा और उसकी जगह साधारण कुर्सी मंगवाकर उस पर बैठे। मुख्यमंत्री के इस सहज और आमजन से जुड़े व्यवहार की वहां मौजूद जनता ने खूब सराहना की। नाचन की जनता को मुख्यमंत्री का यह कदम खूब पसंद आया और उन्होंने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। उनके इस सादगी भरे कदम की लोगों ने खूब प्रशंसा की।