केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की हिमाचल प्रदेश को भूकंपरोधी भवन बनाने की सस्ती तकनीक उपलब्ध करवाएगा। संस्थान प्रदेश को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षण भी देगा। इसके लिए कांगड़ा के रैत में प्रदर्शन संरचना बनाई जाएगी, जहां मॉडल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। भूकंपरोधी भवन निर्माण के लिए क्षमता संवर्धन के तहत ग्रामीण स्तर पर भवन निर्माण करने वालों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। भूकंपरोधी भवन निर्माण के लिए सीबीआरआई प्रदेश सरकार को सुझाव भी देगा। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकाॅस्ट) और सीबीआरआई के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
हिमकॉस्ट के सदस्य सचिव डीसी राणा की और सीबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डाॅ. अजय चौरसिया और एसके नेगी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सीबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया ने कहा कि हिमाचल में विशेषज्ञों की सलाह के बगैर किया जा रहा अनियंत्रित निर्माण और मानकों की अनदेखी से भूकंप के कारण जानमाल का अधिक नुकसान होने का खतरा है। भवन निर्माण में परंपरागत धज्जी दीवारों को प्राथमिकता देकर भूकंप के नुकसान से बचा जा सकता है। पुराने समय के मुकाबले अब निर्माण के लिए अधिक मात्रा में लकड़ी उपलब्ध नहीं है। सीबीआरआई सस्ती और सुलभ तकनीक की जानकारी मुहैया करवाएगा। बताया कि कैसे हल्के बदलाव कर भवन को भूकंपरोधी बनाया जा सकता है।