सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही: सीएम
एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य क्या है, लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना या अपने समय का प्रबंधन करना? इसके उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति में समयबद्ध सुधार लाना सबसे बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और आने वाले समय में प्रदेश को देश के अग्रणी एवं समृद्ध राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है। यूकेजी के एक विद्यार्थी ने ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से उनके बचपन में दादा-दादी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियों के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि सर्दियों के दिनों में परिवार के सदस्य आग के सामने बैठकर उन्हें कहानियां सुनाया करते थे। उन्होंने ‘सात बहनों’ की कहानी का भी उल्लेख किया।
विद्यार्थियों ने एआई और रोजगार पर भी सीएम से पूछे सवाल
एक विद्यार्थी ने एआई के बढ़ते उपयोग से बच्चों के बौद्धिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधुनिक समय की महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन इसके प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षा और ज्ञान का मजबूत आधार आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगी। रोजगार के अवसरों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अच्छी शिक्षा सबसे आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा उनके सोचने-समझने की क्षमता विकसित करती है और उन्हें भविष्य में सही दिशा चुनने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि युवा अपने लिए रोजगार के नए अवसर स्वयं सृजित कर सकें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल है। राज्य सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने तथा आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं समृद्ध प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू में एंटी चिट्टा रैली को दिखाई हरी झंडी, स्वयं किया नेतृत्व
मुख्यमंत्री सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहड़ू से एंटी चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं रैली का नेतृत्व किया और विद्यार्थियों के साथ इसमें शामिल होकर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। रैली के दौरान रोहड़ू बाजार नशा छोड़ो, जिंदगी से नाता जोड़ो जैसे नारों से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने भारी संख्या में रैली में भाग लेकर नशे के विरुद्ध जन जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में एंटी चिट्टा रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि युवाओं और आम जनता को चिट्टा एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि नशा के खिलाफ जागरूकता में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को एंटी चिट्टा शपथ भी दिलवाई और उनसे नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई और उन्हें प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, नशा निवारण बोर्ड के सह संयोजक संजय भारद्वाज, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।