मुख्यमंत्री ने बुधवार को शिमला में जल विद्युत परियोजनाओं (बोनाफाइड हिमाचली एसोसिएशन) की बैठक में कहा कि सरकार स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को सूक्ष्म एवं लघु विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए हरसंभव मदद देगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विद्युत उत्पादकों के लिए ऋण की ब्याज दरों में सरकार कटौती करेगी। उत्पादकों को दी जाने वाली मौजूदा ऋण अवधि को 30 से बढ़ाकर 40 वर्ष भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को शिमला में जल विद्युत परियोजनाओं (बोनाफाइड हिमाचली एसोसिएशन) की बैठक में कहा कि सरकार स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को सूक्ष्म एवं लघु विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए हरसंभव मदद देगी। वर्तमान में राज्य सहकारी बैंक बिजली उत्पादकों को 10.50 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवा रहा है, जो पहले 13.75 प्रतिशत था।
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उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादकों को हो रही वित्तीय असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बैंक से ऋण राशि पर ब्याज दर को और कम करने पर विचार किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने मुख्यमंत्री से राज्य सहकारी बैंक की ओर से दिए गए ऋणों पर ब्याज दर कम करने का आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान ने मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तथा बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाहटा ने कहा कि बैंक अपनी परिसंपत्ति देयता स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ब्याज दर घटाने पर विचार करेगा। बैठक में हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय शर्मा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा और स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।