उन्होंने पेंशनरों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन के अनुभव आने वाली पीढ़ी को बांटे। कहा कि कोई भी सरकार कर्मचारियों के साथ टकराव नहीं चाहती, लेकिन उनका भी सामाजिक दृष्टिकोण रहना चाहिए।
उनकी सरकार ने अपने 11 माह के शासनकाल में कर्मचारी हित में कई फैसले लिए हैं। ये आगे भी लिए जाएंगे। उन्होंने पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया।
इस दौरान सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक राकेश जंवाल, हीरा लाल, इंद्र सिंह, विनोद कुमार, जवाहर ठाकुर के अलावा संघ के महासचिव हरचरण गुप्ता, मंडी जिला अध्यक्ष हरीश शर्मा और महासचिव रोशन लाल कपूर आदि मौजूद रहे।
पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के लिए हिमाचल के कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से गुहार लगाई कि 15 मई 2003 के बाद बन्द की गई कर्मचारियों की पुरानी पैंशन कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
मांग की कि न्यू पेंशन स्कीम को बन्द करके पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए क्योंकि यह नई प्रणाली कर्मचारियों के हित में न होकर निजी कंपनियों, शेयर बाजार के हक में है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रदेश में कर्मचारियों को सितम्बर 2017 में हुई अधिसूचना का भी लाभ मिलना चाहिए।
साथ ही उन कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए जो कि अधिसूचना जारी होने से पूर्व सेवानिवृत हो चुके थे। राज्यपाल ने सभी मुद्दे को सुनने के बाद मामला प्रमुखता से प्रदेश सरकार व केन्द्र के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया। मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में एलडी चौहान, डा बलदेव सिंह नेगी, शशी पाल शर्मा, हितेन्द्र हिमराल, जावेद इकबाल तथा संदीप हरनोट शामिल थे।