हिमाचल को अब देश के मानचित्र पर चमकाने की तैयारी है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र में रह रहे लोगों की राह सुगम बनाने के लिए हिमाचल सरकार ने रोप वे का सहारा लिया है। जिन क्षेत्रों में सड़कें नहीं बन सकतीं, वहां रोप वे के सहारे ग्रामीण पंचायतों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर सुधारा जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सक्रियता दिखाई तो केंद्र सरकार ने भी हामी भरी और एक नए विभाग का गठन कर दिया। मुख्यमंत्री के क्षेत्र से इस पहले रोप वे की शुरुआत होगी। वहीं बिजली महादेव के रोप वे में खुद प्रधानमंत्री मोदी का भी रुझाने देखने को मिल रहा है।
जिसके बाद हमने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से पत्र लिखकर प्रदेश में कुछ स्थानों पर रोप वे बनाने की इजाजत दिए जाने की गुजारिश की है। यदि पर्यावरण और पैसा बचाना है तो लोगों को आवागमन के लिए यह सुविधा देनी जरूरी है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस ओर ध्यान दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पिछले दिनों हिमाचल आए तो हमारी उम्मीद जगी और हमने उन्हें साइट दिखाई, लेकिन वे बोले की यह महकमा मेरे पास नहीं है।
अब जाकर केंद्र सरकार ने रोप वे कार्पोरेशन बनाया है, जिसके बाद यह काम नाबार्ड को सौंपा है। मेरा हलका देश का पहला हलका है, जिसकी फंडिंग नाबार्ड से होगी। इस परियोजना में सारा खर्च केंद्र का होगा। करीब 50 करोड़ से हमने यहां नींव पत्थर लगाया है। 800 मीटर का यह हाईवे मंडी के पंडोह से बगलामुखी तक हाईवे से लोगों को जोड़ेगा। खर्च अधिक है, लेकिन मेंटेनेंस का खर्च ज्यादा नहीं है।