हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 2021 की जनगणना के नए आंकड़े सूबे में बनाए गए तीन नए नगर निगमों का आधार बनेंगे। इससे शहरी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ेगी। अगर निगम के लिए चालीस हजार जनसंख्या की शर्त शहरी क्षेत्र में ही पूरी हो जाएगी तो इसमें मर्ज ग्रामीण क्षेत्र पुन: इससे बाहर होने का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
महाशिवरात्रि के शुभारंभ से पहले शुक्रवार को छोटी काशी मंडी के तलयाहड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जनसंख्या की शर्त पूरी करने के लिए कुछ गांवों को शहरी में शामिल करना पड़ा है। कई स्थानों पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद गांव से संबंध रखते हैं और ग्रामीणों की भावनाएं समझते हैं।
गांवों में तीन वर्ष के लिए कोई टैक्स नहीं लगाने का निर्णय किया गया है और गांवों की मांग होगी तो सरकार पांच साल तक कोई टैक्स नहीं लगाएगी। इसके साथ ही गांवों के हक-हकूक पहले की तरह बरकरार रखे जाएंगे। नगर निगम में भी मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत काम दिया जाएगा।
देवताओं और बजंतरियों के मानदेय में पांच फीसदी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ पर देवताओं का नजराना पांच फीसदी और बजंतरियों का मानदेय भी पांच फीसदी बढ़ाने का एलान किया है। कहा कि कोविड का संकट बड़ा है। अब हिमाचलवासी इससे बाहर निकल रहे हैं।
देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही महाशिवरात्रि मेला संभव हो पाया है। कोविड के हालात देखकर लगता नहीं था कि इस बार यह मेला होगा। इस बार महाशिवरात्रि मेला प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्णिम महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जा रहा है। 15 अप्रैल को स्वर्णिम यात्रा का आगाज होगा।