भाजपा विधायक रमेश धवाला ने कहा कि हमारी सरकार में वैसे तो कोई भ्रष्टाचार नहीं कर रहा है, लेकिन अगर किसी ने ऐसा किया तो मैं उसका खुलासा करूंगा। धवाला ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान विधायकों और मंत्रियों ने अपना वेतन दिया। बावजूद इसके हमें बाहर चोर कहा जाता है। उन्होंने कहा कि अपने लिए कोई भी जी लेता है, लेकिन औरों के लिए काम करके जीना चाहिए। पूर्व कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए धवाला ने कहा कि बाली के समय में बसें हर कहीं खड़ी रहती थीं।
लोगों ने एचआरटीसी का नाम ‘हसदी-रौंदी तुरदी चल’ रखा था। भाजपा सरकार में परिवहन मंत्री तेजतर्रार हैं। मुख्यमंत्री ने दो सौ इलेक्ट्रिक बसें लेने का फैसला लिया है। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी। धवाला ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में एक बच्चे को पढ़ाने के लिए करीब 70 हजार का वेतन लेने वाला एक शिक्षक नियुक्त है। चार-पांच बच्चों की संख्या वाले कई स्कूल हैं। इन्हें समायोजित किया जाना चाहिए। विचार करने की जरूरत है।