मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि सरकार सुनवाई के लिए एक कमेटी का गठन करेगी। इसके बाद सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। शनिवार को नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ (एनपीएसईए) के नेतृत्व में हजारों कर्मचारियों व पेंशनरों ने धर्मशाला के जोरावर सिंह स्टेडियम पर प्रदर्शन किया।
हिमाचल सरकार ने एनपीएस कर्मचारियों की मांगों व शिकायतों के निवारण के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। समिति मामले में संबंधित हितधारकों से परामर्श करेगी। समिति के नियम
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अलग से अधिसूचित किए जाएंगे। समिति में कौन-कौन होगा यह बाद में तय होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) प्रबोध सक्सेना की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि सरकार सुनवाई के लिए एक कमेटी का गठन करेगी। इसके बाद सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। शनिवार को नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ (एनपीएसईए) के नेतृत्व में हजारों कर्मचारियों व पेंशनरों ने धर्मशाला के जोरावर सिंह स्टेडियम पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दो बजे तक सरकार को निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया तो उन्हें मुलाकात के लिए बुला लिया गया। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पुरानी पेंशन स्कीम के अंतर्गत कर्मचारियों को कवर करने की बात कही। इस अवसर पर मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर,अध्यक्ष महिला विंग सुनेश शर्मा और महासचिव भरत शर्मा भी उपस्थित थे।
इससे पहले नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शनिवार सुबह हजारों कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर आवाज बुलंद करने धर्मशाला पहुंचे। सुबह साढ़े नौ बजे डीसी कार्यालय धर्मशाला के बाहर एनपीएस कर्मचारी एकत्रित होना शुरू हो गए थे। 12 जिलों से हजारों कर्मचारी यहां पहुंचे। 10 बजे डीसी कार्यालय से पैदल पेंशन अधिकार रैली दाड़ी मेला ग्राउंड के लिए निकली। तीन किमी की दूरी तीन घंटे में तय कर रैली दाड़ी मेला ग्राउंड पहुंची। सेवानिवृत्त कर्मचारी भी पुरानी पेंशन स्कीम बहाली के समर्थन में उतर आए। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने दोपहर दो बजे तक प्रदेश सरकार को बातचीत का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद सीएम जयराम ने महासंघ से प्रतिनिधियों से बातचीत की। सीएम से आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने धरना खत्म किया।