वेतन के स्थगित भाग को कटौती नहीं
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वेतन के स्थगित भाग को कटौती के रूप में नहीं समझा जाएगा और इसे बाद में किसी ऐसी तारीख को जारी किया जाएगा, जैसी राज्य की वित्तीय स्थिति के आधार पर सरकार की ओर से विनिश्चित की जाए । यह उपाय अस्थायी प्रकृति का है और वित्तीय संसाधनों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए एक सामूहिक प्रयास के रूप में किया जा रहा है। अधिसूचना मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी की गई है।
बजट में हुई थी वेतन का हिस्सा डेफर करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने 21 मार्च को बजट पेश करते हुए आर्थिक संकट के बीच अपना, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, सियासी ओहदेदारों और अधिकारियों का वेतन 3 से 50 फीसदी तक छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। इसमें ग्रुप-ए व ग्रुप-बी के अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अस्थायी रूप से डेफर किया गया था। हालांकि, सरकार ने प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का तीन फीसदी वेतन छह माह के लिए स्थगित (डेफर) करने का फैसला 15 अप्रैल को वापस ले लिया था। रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान किया था।