हिमाचल प्रदेश में मौसम का कहर लगातार जारी है। मंडी के सेगली में बादल फटने से मलबे में बही महिला सायरी बीबी का शव रविवार को संधोल में ब्यास से बरामद किया गया। सराज और जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में दिनभर एनडीआरएफ और बचाव टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाया। पांच लापता लोगों की तलाश की जा रही है। प्रदेश में सोमवार को भी बारिश के आसार हैं, जबकि 23 से 25 अगस्त तक का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
शिमला के उपमंडल ठियोग के चियोग में भूस्खलन की चपेट में आने महिला की मौत हो गई है। हादसा शनिवार शाम को उस समय पेश आया, जब महिला अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में जा रही थी। राष्ट्रीय उच्चमार्ग चंडीगढ़-मनाली पर मंडी के पंडोह के जोगणी मंदिर के पास पिकअप पहाड़ी से गिरी चट्टानों की चपेट में आकर ब्यास नदी में गिर गई। चट्टानों के कारण वाहन के परखचे उड़ गए। चालक की मौके पर मौत हो गई। चालक की पहचान मनप्रीत सिंह निवासी फतेहगढ़ (पंजाब) के रूप में हुई है।
उधर, नूरपुर की पंचायत खेल में शनिवार रात भारी बारिश से जमीन धंस गई, जिससे सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कुल्लू में सैंज के सुचैहण गांव में 50 बीघा जमीन में चार-पांच फीट गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे एक दर्जन घरों में भी दरारें आ गई हैं। सेब के कई पौधे भी उखड़ गए। आनी में एनएच-305 पर जगह-जगह भूस्खलन होने से ध्वस्त हो गया है।
उधर, कटौला और बागी नाला में बाढ़ में बहे पांच लोगों के शव बरामद करने के लिए दिनभर सर्च अभियान चला रहा है। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम ने दिनभर चप्पा-चप्पा छान मारा, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। सर्च अभियान जारी है और यह अभियान पौंग डैम तक चलेगा, क्योंकि नाले का रूट कटिंडी, कांढापत्तन और पौंग डैम तक है।
उधर, मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर कांगड़ा के चक्की पुल से बड़े वाहनों की आवाजाही दूसरे दिन भी बंद रही। छोटे वाहनों के लिए पुल बहाल कर दिया। इस जगह चक्की खड्ड पर बना रेलवे का पुल शनिवार को बह गया था। दूसरी ओर, बलद्वाड़ा तहसील के धतोली गांव में अमीं चंद (49) पुत्र सरवन सिंह की आंगन में फिसलकर गिरने से मौत हो गई है। रविवार को भी राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश हुई।