शिमला पुलिस ने पूर्व विधायक राकेश सिंघा सहित दस सीटू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
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राज्य सचिवालय के बाहर धारा-144 का उल्लंघन करने के आरोप में बुधवार को शिमला पुलिस ने पूर्व विधायक राकेश सिंघा सहित दस सीटू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। जिला किन्नौर की शौंगटोंग जल विद्युत परियोजना के हड़ताली मजदूरों के समर्थन में बुधवार को सीटू कार्यकर्ताओं ने राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी।
सरकार के खिलाफ सड़क पर बैठक कर सीटू कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इस आरोप में पुलिस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर न्यू शिमला और बीसीएस थाना ले गई। केस दर्ज करने के बाद सभी को छोड़ दिया। शौंगटोंग जल विद्युत परियोजना के मजदूरों के समर्थन में सीटू 25 अप्रैल से राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रही है।
25 और 26 अप्रैल को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया गया। बुधवार को पूर्व विधायक राकेश सिंह और सीटू के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। बुधवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बजाए सीटू कार्यकर्ता उग्र हो गए। सचिवालय गेट के बाहर ही सीटू कार्यकर्ताओं ने बैठ कर सड़क जाम कर दी। इस पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी से पहले प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा बिजली परियोजनाओं में सरेआम श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। श्रम विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर प्रदेश सरकार मौन है। किन्नौर जिला प्रशासन आंखें मूंद कर बैठा है।
मजदूरों को चार महीने से वेतन नहीं दिया गया है। ओवर टाइम, टनल अलाउंस, ईपीएफ की सुविधा नहीं दी जा रही। दमनकारी नीति अपनाते हुए धारा 144 लगा दी गई है। सीटू के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा अगर मजदूरों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।