हिमाचल प्रदेश बिजली मजदूर एकता यूनियन संबंधित सीटू ने बिजली बोर्ड प्रबंधन पर श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। सोमवार को राजधानी के पंचायत भवन से लेकर बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस तक मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली।
मजदूरों को पक्का करने और ठेका प्रथा को समाप्त करने की मांग करते हुए यूनियन ने बोर्ड के प्रबंध निदेशक और सचिव को मांगों के ज्ञापन सौंपे। यूनियन के पदाधिकारियों ने मांगों की अनदेखी करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। सीटू की राज्य कमेटी के महासचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर की अगुवाई में रैली निकाली गई।
सोमवार सुबह प्रदेश के कई क्षेत्रों से आए मजदूर शिमला के ओल्ड बस स्टेंड स्थित पंचायत भवन में जुटे। यहां से दोपहर बाद रैली निकाल कर कुमार हाउस तक गए। ठाकुर ने कहा बिजली बोर्ड के तहत कार्य करने वाले सभी मजदूरों को पक्का किया जाए। ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए। हिमाचल हाईकोर्ट और प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के फैसले को लागू कर नौकरी से निकाले गए 154 मजदूरों को बहाल किया जाए।
हिमाचल प्रदेश बिजली मजदूर एकता यूनियन के महासचिव यशपाल ने कहा कि बिजली बोर्ड प्रबंधन कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। यूनियन के अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि बिजली बोर्ड श्रम कानूनों की अवहेलना कर रहा है। मजदूरों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि अगर एक महीने के भीतर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में बोर्ड के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर सीटू के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबूराम, सन्नी, दयाल, राधेश्याम, नरिया राम, मनोज, देवराज, दलीप, बिजली मजदूर एकता यूनियन से मनीष, अशोक अत्री, पंकज, अश्वनी, शेखर, रिशुभरत, विजय, सुरेश, राजकुमार, कमलकांत, कुलदीप, संजय, रोशनी, ममता, ज्योति, प्रकाश और विनोद सहित कई अन्य मौजूद रहे।