चिंतपूर्णी मंदिर न्यास उपेक्षित बुजुर्गों का सहारा बनेगा। मां चिंतपूर्णी के चरणों में अर्पित दान से वृद्धाश्रम का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए मंदिर अधिकारी को मंदिर के आसपास भूमि चिह्नित करने के निर्देश दे दिए हैं। वृद्धाश्रम के निर्माण का फैसला मंदिर न्यास की बैठक में लिया गया है।
उपायुक्त ऊना अभिषेक जैन ने बताया कि ऊना जिले में कोई भी वृद्धाश्रम नहीं है, जहां असहाय या परिवारों की ओर से उपेक्षित बुजुर्गों को रखा जा सके। इसलिए न्यास ने वृद्धाश्रम बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मंदिर न्यास गरीब कन्याओं की शादी करवाने में मदद करता है।
इनके विवाह के लिए नकद राशि के अलावा आवश्यक समान उपलब्ध करवाया जाता है। निर्धन परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक और अन्य कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बताया कि मंदिर न्यास ने कटोहड़कलां में 50 गायों की क्षमता का गो सदन स्थापित किया है। इसकी क्षमता अब 75 गायों की कर दी है।
न्यास की ओर से समय-समय पर चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिंतपूर्णी में एक्स-रे मशीन और हृदय चिकित्सा जांच उपकरण उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। सीएचसी अंब में भी चिकित्सा जांच उपकरण देने की स्वीकृति दी गई है। मंदिर क्षेत्र की तीन पंचायतों छपरोह, नारी और गंगोट में रास्तों तथा डंगों का निर्माण भी किया जाता है।
कहा कि बताया कि माता वैष्णो देवी के बाद छिन्नमस्तिका धाम उत्तर भारत का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहां साल भर लाखों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। नवरात्रों और अन्य धार्मिक अवसरों पर विशेष प्रबंध किए जाते हैं।