जेनजी और फैंसी स्कूल बैग 300 से 3000 रुपये उपलब्ध, 400 से 1500 रुपये तक बिक रही पानी की बोतल
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लंच बॉक्स भी 300 से 800 रुपये तक बिक रहा दीक्षा सरोय शिमला। राजधानी के बाजारों मेें जेनजी और फैंसी स्कूली बैग, पानी की बोतलों समेत लंच बॉक्स अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। छठी से आठवीं कक्षा के बच्चे बाजारों में दुकानों के बाहर लटके मॉडर्न बैग और अन्य सामग्री देखकर आकर्षित हो रहे हैं। सत्र शुरू होने से इनकी खरीदारी भी बढ़ी है।
हालांकि, यह खरीदारी अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रही है। बाजारों में इस साल बीते वर्ष के मुकाबले स्कूल बैग के दामों में 100 से 200 रुपये और पानी की बोतलों के दामों में भी 50 से 100 रुपये तक की बढ़ौतरी हुई है। लोअर बाजार की बुक मार्केट में जेनजी और फैंसी स्कूल बैग 300 से 3000 रुपये तक बिक रहे हैं। सामान्य बैग 600 से 1200 रुपये में उपलब्ध हैं। मॉडर्न डिजाइनर लंच बॉक्स 300 से 1800 रुपये तक बिक रहे हैं। पानी की बोतलें जिनमें सामान्य बोतल और हॉट वॉटर बोतल दोनों शामिल हैं। यह 100 से 1500 रुपये तक बिक रही है। इन सभी चीजों के बदलने वाले ट्रेंड और साल दर साल दामों में होने वाली बढ़ोतरी के चलते अभिभावकों की जेबों पर अत्यधिक बोझ पड़ रहा है।
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लोअर बाजार की एक दुकान में अपने बच्चे के लिए खरीदारी कर रही अभिभावक स्नेह लता शर्मा ने बताया कि हर साल ट्रेंड में बदलाव हो रहा है और ट्रेंड के साथ दामों में बढ़ोतरी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जो सामान्य स्कूल बैग 300 से 800 रुपये तक बिक रहे थे वह अब 600 से 1200 रुपये तक बिक रहे हैं। इस समय कमाई कम और महंगाई ज्यादा है। अभिभावक राहुल ने बताया कि वह अपनी बच्ची के लिए लंच बॉक्स, पानी की बोतल और अन्य सामग्री की खरीदारी के लिए आए हैं लेकिन इस साल चीजें और महंगी हो गई हैं। छोटी कक्षाओं के बच्चों का सामान जेनजी ट्रेंड के हिसाब से आया है जिसे देखकर बच्चे वही सामान पसंद कर रहे हैं। ऐसे में बजट पर खासा असर पड़ रहा है।
सप्लाई महंगी होने से बढ़े हैं दाम
लोअर बाजार में फैंसी बैग के विक्रेता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सप्लाई महंगी होने से इस बार रेट हल्के बढ़े हैं। फैंसी बैग बच्चे खूब पसंद कर रहे हैं। नए डिजाइन के चलते इनके दाम आम बैग से ज्यादा हैं। गौरतलब है कि शिमला में सर्दियों के अवकाश के बाद सरकारी स्कूल खुल चुके हैं। इसके अलावा कुछ निजी स्कूल भी खुलने वाले हैं। फरवरी अंत और मार्च माह के शुरू में अधिकतर निजी स्कूल खुल जाएंगे।