हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट की बरच्छवाड़ पंचायत के 15 वर्षीय बालक प्रज्जवल शर्मा ने अपनी पॉकेट मनी से खरीदकर 1100 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का बहुत बड़ा संदेश दिया है। प्रज्जवल का पेड़-पौधों और पर्यावरण के प्रति प्रेम दर्शाता है कि उसने यह कारनामा एक साल में करके दिखाया है। प्रज्जवल के इस पर्यावरण प्रेम का हर कोई कायल हो गया है।
पॉकेट मनी से जहां बच्चे मिठाइयां खरीदकर खाते हैं या फिर अपने लिए खिलौने लाते हैं, उस उम्र में प्रज्जवल ने इस जेब खर्च से पौधे खरीदे और करीब एक साल से सरकाघाट के विभिन्न स्थानों पर उन्हें रोपा। प्रज्जवल ने बताया कि उसे यह प्रेरणा अपने पिता शिक्षक कमल किशोर से मिली। उनके पिता हमेशा पेड़-पौधों के बारे में उसे बताते रहते हैं और कहते हैं कि कौन सा पौधा हमारी किस तरह मदद करता है और कौन से पौधे से हमें औषधि मिलती है। प्रज्जवल का कहना है कि उसने पहले सौ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था और इसमें पिता ने उसकी मदद की।
बाद में उसका लक्ष्य बढ़ता गया और वह अपनी जेब खर्च के पैसों को पौधे खरीदने के लिए जमा करने लगा। हालांकि इससे पौधों का खर्च पूरा नहीं होता था, लेकिन जो कमी रह जाती थी, उसे उसके पिता पूरी कर देते थे। प्रज्जवल ने पिछले सप्ताह ही 1100 पौधे रोपने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। प्रज्जवल ने बताया कि वह आगे भी इस क्रम को जारी रखेगा। उसने अन्य बच्चों से भी पर्यावरण बचाने के लिए पौधे लगाने की अपील की है।
13 साल में कल्पना ने रोपे 100 पौधे
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम रहीं 16 वर्षीय कल्पना ठाकुर अभी तक विभिन्न प्रजातियों के करीब 100 पौधों का रोपण कर चुकी हैं। वह इसको लेकर आम लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। तीन साल की उम्र से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाली कल्पना ठाकुर हर वर्ष रक्षाबंधन, भैयादूज, नया वर्ष तथा अपने जन्मदिन के मौके पर पौधे लगाती हैं।
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के मूलिंग गांव की रहने वाली कल्पना ठाकुर ने महज तीन वर्ष की आयु से मनाली स्थित गांव अलेउ के पास अलेउ बिहाल में एक पेड़ को अपना भाई बनाया है और उसे हर साल रक्षाबंधन पर राखी बांधती हैं। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले उनके पिता किशन लाल ने कहा कि उनकी बेटी साल में चार बार पौधरोपण करती हैं।