शिमला के कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामला अब सुलझता नजर आ रहा है। मंडी के दंपति ने जिस नवजात को अपनी संतान बताया था उसकी डीएनए रिपोर्ट पुलिस के पास आ गई है। पुलिस प्रशासन वीरवार को प्रदेश उच्च न्यायालय में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करेगा।
हालांकि मामला कोर्ट में होने के कारण पुलिस ने अभी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। इस मामले में मंडी निवासी एक महिला ने प्रदेश उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि उसे संदेह है कि केएनएच में उसका बच्चा बदला गया है उसे बेटे की जगह बेटी दी गई है।
प्राइवेट लैब में डीएनए करवाया, इसकी रिपोर्ट में उनका डीएनए बेटी से मैच नहीं कर रहा है। उस दिन केएनएच में सिर्फ एक मेल चाइल्ड हुआ था। मंडी दंपति का दावा था कि वह शिशु उनका है। यह शिशु अभी शिमला के एक दंपति के पास है। उनका दावा है कि यह बच्चा उन्हीं का है।
अस्पताल और पुलिस ने जब मंडी दंपति की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया तो मजबूर होकर इस दंपति ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था। कोर्ट ने इस मामले में एसपी शिमला को गंभीरता से जांच के आदेश दिए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिमला दंपति उस बच्चे का डीएनए सैंपल देने को राजी हुआ था। बताया जा रहा है कि जुन्गा भेजी गई डीएनए रिपोर्ट आ गई है। जिसे वीरवार को पुलिस अदालत के समक्ष पेश करेगी।
रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि यह शिशु मंडी दंपति का है या नहीं। सूत्र बताते हैं कि अब यह विवाद सुलझ जाएगा। उधर मंडी दंपति को उम्मीद है कि उनका शिशु बहुत जल्द उनके पास होगा।