मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एक नया विभाग जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी को दिया है। उनके पास अब चार विभाग राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास और जनशिकायत निवारण हो गए हैं। इस तरह से मुख्यमंत्री ने उन पर खास भरोसा जताया है। जगत सिंह उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बाद चार विभागों वाले हैवीवेट मंत्री हो गए हैं। मुकेश के पास भी चार महकमे हैं।
पिछले महीने मंत्री रोहित ठाकुर से तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग वापस लेकर राजेश धर्माणी को दिया गया था। इससे धर्माणी के समर्थक बहुत संतुष्ट नहीं थे, जबकि धर्माणी मुख्यमंत्री सुक्खू के पुराने मित्र हैं, मगर मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने पास रखे नगर नियोजन और आवास विभागों को राजेश धर्माणी को देकर उनका कद और बड़ा कर दिया है। इसी तरह नए बने मंत्री यादविंद्र गोमा को विक्रमादित्य सिंह से युवा सेवाएं एवं खेल विभाग लेकर दिया गया था।
इससे भी विक्रमादित्य सिंह के समर्थकों में असंतोष था, मगर विक्रमादित्य सिंह के पास लोक निर्माण जैसा बड़ा महकमा पहले से ही है। अब उन्हें शहरी विकास विभाग देकर उन्हें एक और बड़ा महकमा दिया गया है। नए मंत्री यादविंद्र गोमा पर भी भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें विधि विभाग दिया है। यानी गोमा के पास भी तीन विभाग को हो गए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से तकनीकी शिक्षा विभाग को लेकर नए बने मंत्री राजेश धर्माणी को दिया गया था। उनके पास उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा रह गए थे। अब रोहित ठाकुर को मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग दिया गया है।
पिछले महीने मंत्रियों से महकमे वापस लेकर सुक्खू टटोलते रहे नब्जें
पिछले महीने तीन मंत्रियों से महकमे वापस लेकर दो नए मंत्रियों को देकर मुख्यमंत्री सुक्खू उनकी, उनके समर्थकों की नब्जें टटोलते रहे। इस बीच कुछ मंत्रियों ने खूब संयम दिखाया तो कुछ अपने समर्थकों के माध्यम से या परोक्ष रूप से अपनी नाखुशी भी जताते रहे। संगठन के रास्ते सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे सुक्खू ने ठीक महीने बाद ही तुरुप का पत्ता फेंकते हुए पोर्टफोलियो आवंटन से सूझबूझ का परिचय देते हुए राजनीतिक संतुलन साधा है।