सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली फर्जी खबरों को रोकने के लिए पहली बार चुनाव आयोग ने मिथ वर्सेस रियलिटी प्लेटफार्म लॉन्च किया है। इसमें झूठी जानकारी और नए सवाल-जवाब भी शामिल होंगे। मंगलवार को अमर उजाला के पत्रकारों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत के दौरान हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट (https://mythvsreality.eci.gov.in/) के माध्यम से प्लेटफार्म आम लोगों के लिए भी उपलब्ध है। सत्र के दौरान निर्वाचन विभाग के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी दलीप नेगी और नीलम दुल्टा के अलावा निर्वाचन विभाग के राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर मुंशी शर्मा मौजूद रहे।
लोकसभा चुनावों की कवरेज को लेकर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में अमर उजाला के फील्ड रिपोर्टर और डेस्क रिपोर्टरों ने भी भाग लिया। गर्ग ने बताया कि निर्वाचन से संबंधी रिपोर्टिंग को लेकर रिपोर्टरों को जागरूक करने की पहल सराहनीय है। मीडिया की फीडबैक पर ही हम अपनी कार्यप्रणाली में सुधार ला सकते हैं और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। पेड न्यूज की चुनाव आयोग सतत निगरानी कर रहा है। सभी मीडिया संस्थानों को ऐसी खबरों से बचना चाहिए जिसमें किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष के पक्ष में राय बनाने का प्रयास किया जा रहा हो। ब्यूरो
इन वेबसाइट पर चुनावों की पूरी जानकारी
पहले चुनावों से संबधित जानकारी के लिए चुनाव आयोग ने इस बार विशेष तौर पर माइक्रो साइट election24.eci.gov.in जारी की है। केंद्रीय चुनाव आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in और हिमाचल निर्वाचन विभाग की वेबसाइट ceohimachal.nic.in पर भी पहले हुए चुनावों की जानकारी है।