लगभग हर भर्ती प्रक्रिया में चयनित न होने वाले अभ्यर्थी इस प्रक्रिया पर उठा रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार इसके पैटर्न में बदलाव करने की तैयारी में है। आला अधिकारियों की बैठक में असेसमेंट के दौरान अलग-अलग विषयों पर आधारित अंक वितरण पर चर्चा की गई। इस दौरान जमीन होने को लेकर दिए जाने वाले अंक जैसे कई बिंदुओें पर अफसरों ने सवाल उठाया।
हाई स्कूल, इंटर मीडिएट के अलावा विभिन्न तरह के सर्टिफिकेट के अंक दिए जाते हैं। कई बार लिखित परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले अभ्यर्थी सिर्फ इसलिए पिछड़ जाते हैं कि उनके असेसमेंट में अंक कम रह जाते हैं। इसी दिक्कत को देखते हुए अब सरकार प्रक्रिया में बदलाव कर रही है।
गैर हिमाचलियों को नौकरी में तरजीह पर भी होगी चर्चा
सूत्रों का कहना है कि अफसरशाही देश की आंतरिक व्यवस्था, संविधान के प्रावधान और राष्ट्रीय एकता का हवाला देते हुए भर्ती नियमों में बदलाव के पक्ष में नहीं है। चूंकि, तीन महीने पहले मंत्रिमंडल ने नियमों में बदलाव को मंजूरी दी थी, ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल शिक्षा विभाग में लेक्चरार के पदों पर हुई भर्ती के विवाद के बाद इस मुद्दे पर भी चर्चा कर सकता है।