ग्रामीण आधारभूत ढांचा निर्माण होगा
इसे केंद्र से शहरी और ग्रामीण आधारभूत ढांचा निर्माण में राज्य के हिस्से के रूप में इस्तेमाल करने की मद के तहत जारी किया गया है। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस बजट को कार्यान्यवन एजेंसी को 10 दिन के भीतर जारी करना होगा। वरना इसका राज्य को केंद्र सरकार को बाजार में देय दर से ब्याज देना होगा। अगर किन्हीं कारणों से यह बजट संबंधित परियोजना में खर्च नहीं हो पाता है तो इसे दूसरे प्रोजेक्ट के लिए बदलने को लेकर केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी। अगर राज्य सरकार इस फंड को तय परियोजना के बजाय किसी अन्य प्रोजेक्ट में खर्च करती है तो राज्य सरकार को मिलने वाले टैक्स से उतने ही बजट की कटौती कर दी जाएगी।
विपक्ष बनाता रहा बार-बार मुद्दा रेल मंत्रालय भी लिख चुका है पत्र
चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन को 50-50 प्रतिशत की भागीदारी में बनाया जा रहा है। इसमें अपने हिस्सा का बजट देने के लिए हाल ही में रेल मंत्रालय के एक्स ऑफिशियो प्रधान सचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने इस संबंध में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को एक पत्र लिखा था। इस रेल लाइन के लिए हिमाचल सरकार की ओर से 185 करोड़ रुपये देय बताए जाते रहे हैं। इस मामले को विपक्ष भी बार-बार मुद्दा बनाता रहा है तो ऐसे में इस रेल परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र से ब्याजमुक्त कर्ज लेने के बाद 82.17 करोड़ रुपये तो जारी कर ही लिए जाएंगे।