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Shimla: चमियाना अस्प्ताल को मिली थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन, सीएम सुक्खू ने किया शुभारंभ, ऑटोमेशन लैब भी जल्द

Sat, 11 Jul 2026 01:19 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के बाद एआईएमएसएस प्रदेश का दूसरा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है, जहां यह उन्नत इमेजिंग तकनीक उपलब्ध करवाई गई है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन बेहतर गुणवत्ता की इमेजिंग, कम समय में जांच तथा अधिक सटीक निदान की सुविधा प्रदान करेगी। 
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सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने चमियाना अस्प्ताल को थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला के अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईएमएसएस) चमियाना में अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई सुविधा का शुभारंभ किया। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के बाद एआईएमएसएस प्रदेश का दूसरा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है, जहां यह उन्नत इमेजिंग तकनीक उपलब्ध करवाई गई है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन बेहतर गुणवत्ता की इमेजिंग, कम समय में जांच तथा अधिक सटीक निदान की सुविधा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित करना वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस उन्नत एमआरआई सुविधा के शुरू होने से विभिन्न सुपर स्पेशलिटी विभागों की निदान क्षमता अत्यधिक सुदृढ़ होगी, जिससे चिकित्सकों को जटिल बीमारियों का अधिक प्रभावी ढंग से पता लगाने और उनका उपचार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को एमआरआई जांच के लिए संस्थान से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। 

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शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं: सीएम
मुख्यमंत्री ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं तथा इन दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत चिकित्सकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद पूरे प्रदेश में चिकित्सा तकनीक को उन्नत बनाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को सस्ती, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सरकार जहां एक ओर चिकित्सकों के रिक्त पद भर रही है, वहीं दूसरी ओर सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक और आधुनिक निदान उपकरणों से लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग्य चिकित्सकों को सरकारी सेवाओं में बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतनमान भी प्रदान किया जा रहा है। 

 125 करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित (ऑटोमेटेड) प्रयोगशालाएं स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की उपेक्षा के कारण वर्षों तक पुराने चिकित्सा उपकरणों का उपयोग होता रहा। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में 19 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन को हटाकर आधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई प्रणाली स्थापित की गई है तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश के अन्य सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी इसी प्रकार की उन्नत मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में 125 करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित (ऑटोमेटेड) प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जहां अत्याधुनिक और पूरी तरह स्वचालित जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जांच की सटीकता बढ़ेगी और मरीजों के उपचार में उल्लेखनीय सुधार होगा।

रोबोटिक सर्जरी की सुविधा रियायती दरों पर उपलब्ध
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एआईएमएसएस को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी यहीं शुरू की गई थी, जिसके बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, आईजीएमसी शिमला तथा लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधा आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा रियायती दरों पर उपलब्ध करवा रही है, जबकि निजी अस्पतालों में यह उपचार बहुत महंगा होता है। इसी प्रकार एमआरआई और पैट स्कैन जैसी जांच भी प्रदेश में न्यूनतम दरों पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधारों के माध्यम से सभी जांचों के लिए शून्य प्रतीक्षा अवधि सुनिश्चित करना है।

200 एसोसिएट प्रोफेसरों की नियुक्ति होगी
मुख्यमंत्री ने एआईएमएसएस चमियाना में चिकित्सकों के साथ बैठक कर संस्थान की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि चमियाना संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसके लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करवा दी गई है। संस्थान तक बेहतर आवागमन सुनिश्चित करने के लिए ई-बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि संस्थान में सीनियर रेजिडेंट के पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही सरकार 800 नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा दिसंबर तक 200 एसोसिएट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी।
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एआईएमएसएस मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एआईएमएसएस मोबाइल एप्लीकेशन का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से मरीज संस्थान और उसकी विभिन्न सेवाओं से संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने संस्थान की स्वच्छता निगरानी प्रणाली का भी शुभारंभ किया, जिससे अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला महापौर सुरेंद्र चौहान, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, एआईएमएसएस के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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