खांसी वाले मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए करेंगे प्रेरित, रोग से लड़ चुके लोगों को दिया है चैंपियन का दर्जा
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने चैंपियन को किया है प्रशिक्षत संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। स्वास्थ्य विभाग ने एक अनोखी पहल शुरू की है। अब टीबी चैंपियन खुद गांवों में जाकर खांसी और अन्य लक्षणों से परेशान मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए जागरूक करेंगे। विभाग की इस पहल में टीबी चैंपियन का दर्जा उन लोगों को दिया है जो टीबी रोग से ठीक हो चुके हैं।
शहर के दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल शिमला में टीबी की बीमारी से स्वस्थ हुए लोगों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर भी लोगों को प्रशिक्षित किया है। मशोबरा ब्लॉक समेत करीब 100 लोगों को यह खास प्रशिक्षण दिया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल ने बताया कि इस पहल से न केवल टीबी के उपचार में मदद मिलेगी बल्कि गांवों में टीबी को लेकर बनी भ्रांतियों को भी दूर किया जा सकेगा। इसके अलावा यह टीबी चैंपियन ऐसे मरीज जिन्होंने दवाई छोड़ दी है उनकी काउंसलिंग करके उन्हें दोबारा से दवाई खाने को लेकर प्रेरित करेंगे। स्कूल और ग्राम सभा में जाकर जागरूक करेंगे। इस अवसर पर नेशनल हेल्थ मिशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रविंद्र, मशोबरा ब्लॉक के एसटीएस अनमोल राज कौंडल, डॉ. अर्पणा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।
जिले में मिले तीन नए टीबी रोगी, 28 पहुंची संख्या
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर चलाए व्यापक स्क्रीनिंग अभियान के तहत तीन नए टीबी के रोगी सामने आए हैं। इससे जिले में टीबी रोगियों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। अब तक स्वास्थ्य विभाग करीब 65 हजार लोगों की स्क्रीनिंग कर चुका है।