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राजपथ पर दिखेगी 1000 साल पुरानी हिमाचल की ये खास संस्कृति

Wed, 18 Jan 2017 12:55 PM IST
नरेंद्र एस. कंवर/अमर उजाला, शिमला
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राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में तीन साल बाद हिमाचल के रंग भी नजर आएंगे। इस बार प्रदेश भाषा कला एवं संस्कृति विभाग और विवि के विजुअल आर्ट विभाग के प्रोफेसर एवं आर्टिस्ट प्रो. हिम चटर्जी के विषय और मॉडल को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है। 
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प्रदेश की यह झांकी पूरे विश्व भर में पेटेंट प्राप्त चंबा रुमाल और चंबा के इतिहास को उजागर किया जाएगा। झांकी का निर्माण शुरू हो चुका है। 23 जनवरी को इसे पूरा कर गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल में शामिल किया जाना है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में चंबा के जनजीवन, वहां के प्रसिद्ध पारंपरिक कला चंबा रुमाल को दिखाया जाएगा। 

झांकी में चंबा चौगान, लोक गीत के साथ पांच साल पूर्व में मनाए गए एक हजार वर्ष के उपलक्ष्य में बनाए गेट को भी दिखाया जाएगा। झांकी पर पांच लाख का बजट खर्च किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से चुनी जाने वाली बीस झांकियों में दस सरकारी महकमों की होती हैं। अन्य दस में हिमाचल के चंबा रुमाल की झांकी भी इस बार देखने को मिलेगी। इससे पूर्व जनजातीय जिला किन्नौर की शादी की झांकी तीन साल पहले राजपथ पर प्रदर्शित की गई थी।
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झांकी में नजर आएगा ऐतिहासिक चंबा शहर

झांकी में एक हजार वर्ष पुराना इतिहास समेटे प्रदेश की ऐतिहासिक रियासत और शहर चंबा नजर आएगा। इसमें करीब 15 फुट ऊंची महिला को चंबा रुमाल बनाते प्रदर्शित किया जाएगा। एक हजार साल पूरे होने के समारोह के दौरान बने गेट और चंबा चौगान में वहां की लोक संस्कृति यानी चंबयाली नृत्य करते दस कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएंगे। झांकी का आइडिया और मॉडल बनाने वाले प्रो. हिम चटर्जी ने बताया कि यह झांकी चंबा के समृद्ध इतिहास को उजागर करेगी। 

पूरे विश्व में चंबा रुमाल का है पेटेंट 
पूरे विश्व में चंबा रुमाल का प्रदेश सरकार ने पेटेंट करवाया है। रुमाल पर खास तरह की कढ़ाई करने की इस कला का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट करवाया गया है। रुमाल की गई कढ़ाई ऐसी होती है कि दोनों तरफ एक जैसी कढ़ाई के बेल बूटे बनकर उभरते हैं। यही इस रुमाल की खासियत है। यहां की लोक संस्कृति और गीतों में भी रुमाल की बात सुनने को मिलती है। इतिहास में चंबा और रुमाल के करीब एक साल पहले के प्रमाण मिलते हैं। 
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