शोभायात्रा के मंजरी गार्डन पहुंचने पर लोक गायकों ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार का गायन किया। मुख्य अतिथि ने मंत्रोच्चारण के बीच रावी नदी में नारियल व मिंजर प्रवाहित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
ऐतिहासिक मिंजर मेले का रविवार को रावी नदी में मिंजर विसर्जन की रस्म के साथ समापन हो गया। समापन समारोह में सदर विधायक पवन नैयर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इससे पहले अखंड चंडी पैलेस से शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के मुख्य बाजार से होती हुई मंजरी गार्डन पहुंची।
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कोविड-19 की वजह से शोभायात्रा में सिर्फ परंपराओं से जुड़े लोगों सहित 100 लोग ही शामिल हुए। शोभायात्रा का नेतृत्व शहर के प्रमुख देवता भगवान रघुवीर ने किया। शोभायात्रा के दौरान नगर परिषद के तमाम वार्ड सील रहे जबकि दोपहर बारह बजे मुख्य बाजार भी बंद कर दिया गया। चार बजे के बाद अखंड चंडी से लेकर भरमौर चौक तक वाहनों की आवाजाही पर रोक रही।
शोभायात्रा के मंजरी गार्डन पहुंचने पर लोक गायकों ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार का गायन किया। मुख्य अतिथि ने मंत्रोच्चारण के बीच रावी नदी में नारियल व मिंजर प्रवाहित कर सुख-समृद्धि की कामना की। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के चलते लगातार दूसरे साल भी एक सप्ताह तक चलने वाले मिंजर मेले की परंपराओं का ही निर्वहन हुआ। मेले में न तो दुकानें लगाई गईं और न ही सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन हुआ।