हिमाचल में अब 9 उत्पाद जियो टैगिंग से जुड़ गए हैं। इसमें कुल्लू शाल, कांगड़ा चाय, चंबा रूमाल, कांगड़ा पेंटिंग, हिमाचली काला जीरा, हिमाचल चूली तेल, चंबा चप्पल, लाहौली जुराबें व दस्ताने आदि शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश सूचना केंद्र ने चंबा चप्पल, लाहौली जुराबें और दस्तानों को भौगोलिक संकेतक अधिनियम 1999 के तहत पंजीकरण करने में सफलता प्राप्त की है। हिमाचल के लिए यह गर्व की बात है कि चंबा चप्पल और लाहौली जुराबें एवं दस्ताने की जियो टैगिंग करने में सफलता मिली है।
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जियो टैगिंग होने के बाद चंबा चप्पल और लाहौली जुराबों का अनधिकृत उत्पादन रोका जा सकेगा। इसके साथ ही वास्तविक चंबा चप्पल और लाहौली जुराबें एवं दस्ताने उत्पादकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए सहायक सिद्ध होगा।
निर्देशित क्षेत्र के बाहर इन उत्पादों का उत्पादन नहीं हो सकेगा। हिमाचल में अब 9 उत्पाद जियो टैगिंग से जुड़ गए हैं। इसमें कुल्लू शाल, कांगड़ा चाय, चंबा रूमाल, कांगड़ा पेंटिंग, हिमाचली काला जीरा, हिमाचल चूली तेल, चंबा चप्पल, लाहौली जुराबें व दस्ताने आदि शामिल हैं।