शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु।
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के तीन शक्तिपीठों में चामुंडा, बज्रेश्वरी और ज्वालामुखी में सातवें नवरात्र पर 31 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या के चलते बाजारों में भी खूब भीड़ रही। कांगड़ा के बज्रेश्वरी माता मंदिर में 12 हजार, चामुंडा में सात हजार और ज्वालामुखी में 12 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। अष्टमी पर मंदिरों को विशेष रूप से ताजे फूलों से सजाया गया है। शनिवार को चामुंडा मंदिर और ज्वालामुखी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे। चामुंडा माता मंदिर में इस बार भी पूर्व की भांति अष्टमी की रात को मां का नशीत पूजन किया जाएगा।
108 प्रकार के देसी घी व्यंजनों का भोग मां को अर्पित किया जाएगा। बाद में इसे प्रसाद स्वरूप सभी भक्तों में वितरित किया जाएगा। वहीं शास्त्रीय संगीत परिषद की ओर से अष्टमी और नवमी की रात को शास्त्रीय संगीत का आयोजन किया जाएगा। कुछ लोग अष्टमी व नवमी के दिन कंजक पूजन कर नवरात्रों का समापन करेंगे। ज्वालामुखी मंदिर भी अष्टमी के दिन 24 घंटे खुला रहेगा। सिर्फ आरती के समय गर्भ गृह बंद रहेगा। पुजारी व प्रधान नगर परिषद ज्वालामुखी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि सप्तमी पर श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दिव्य ज्योतियों के दर्शन किए।
छठे नवरात्र पर 307841 रुपये चढ़ावा
बज्रेश्वरी माता मंदिर के अधिकारी भुवनेश्वर शर्मा ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यात्रियों के बड़े वाहनों को कांगड़ा बाईपास पर पार्क करने की व्यवस्था कई गई है। यहां से उन्हें नि:शुल्क बस सेवा के माध्यम से तहसील चौक तक लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छठे नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं ने मंदिर में तीन लाख सात हजार 841 रुपये की नकदी चढ़ाई।
ज्वालामुखी में छह लाख चढ़ा गए भक्त
ज्वालामुखी मंदिर में चैत्र माह के छठे नवरात्र में मां के भक्तों ने 6 लाख 08 हजार 870 रुपये का चढ़ावा मां के चरणों में अर्पित किया। मंदिर अधिकारी ज्वालामुखी राजेंद्र कुमार ने कि पांच ग्राम 900 मिलीग्राम सोना और 374 ग्राम चांदी भी चढ़ाई गई। सातवें नवरात्र पर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ और लगभग 12 हजार श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे।