नयनादेवी मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालु।
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चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को सूबे की शक्तिपीठों में एक लाख से ज्यादा लोगों ने माथा टेका। श्रद्धालु सोने-चांदी के साथ डॉलर भी मां के चरणों में अर्पित कर रहे हैं। रविवार को नयनादेवी मंदिर में 50, ज्वालामुखी में 30, चिंतपूर्णी में 20, बज्रेश्वरी में आठ और चामुंडा में छह हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पहले नवरात्र पर श्री नयनादेवी जी मंदिर में 15.9 लाख नकदी, 19 ग्राम सोना, 3.180 किलो चांदी, 80 डॉलर जबकि चिंतपूर्णी में 9.67 लाख रुपये नकदी और 287 ग्राम चांदी चढ़ाई गई है।
ज्वालामुखी मंदिर में 11 लाख 66 हजार 773 रुपये की नकदी, 2.900 ग्राम सोना और 530 ग्राम चांदी जबकि बज्रेश्वरी मंदिर में 3.21 लाख की नकदी चढ़ाई गई है। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में रविवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट खोल दिए गए थे। श्री नयनादेवी जी में रविवार को छुट्टी होने के कारण भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे।
मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए रात 2:00 बजे ही खोल दिया गया था। चिंतपूर्णी के दरबार में भी भक्तों की खासी भीड़ रही। तड़के ही दर्शनों के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो 11:00 बजे तक पुराने बस स्टैंड को पार कर मुख्य बाजार में पहुंच गईं। तीखी धूप के बीच श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं रही। मंदिर प्रशासन के आदेशों के बाद श्रद्धालुओं को यहां बिना पर्ची प्रवेश नहीं करने दिया गया।
दो साल बाद लगे भंडारे
कोरोना की वजह से दो साल से भंडारे बंद थे। इस बार मंदिरों में भंडारे लगाए जा रहे हैं। मंदिर में श्रद्धालु बिना किसी पाबंदी के घंटियां बजाकर भी माता के दर्शन कर रहे हैं। कई जगह श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धूप से बचने के लिए टेंट लगाए गए हैं। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद की गई है। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।
सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त
धार्मिक नगरी चिंतपूर्णी में अभी तक सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनी हुई है। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 69 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। चिंतपूर्णी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल के हवाले किया गया है।