माता ज्वालाजी के दर्शन करने के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़।
- फोटो : संवाद
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में इस बार चैत्र नवरात्रों का शांतिपूर्ण ढंग से समापन हुआ। इस बार कोरोना का खौफ खत्म होने के कारण ज्वालामुखी में श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाया। लाखों की संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। ज्वालामुखी मंदिर में चैत्र नवरात्र पर सप्तमी तक 57 लाख 73 हजार 952 रुपये नकद चढ़ावा चढ़ा। 22 ग्राम सोना और 4 किलो 299 ग्राम चांदी भी मां के चरणों में अर्पित की गई। एक लाख 28 हजार 293 श्रद्धालु मंदिर में दर्शनों के लिए पहुंचे।
2021 के चैत्र नवरात्रों में 10 दिन में केवल 34 लाख 46 हजार 120 रुपये का चढ़ावा ही चढ़ा था। 62 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 2 किलो 598 ग्राम चांदी चढ़ाई गई थी। 26 हजार श्रद्धालु ही पंजीकरण करवाकर माता ज्वालाजी के दर्शन कर पाए थे। 2020 में कोरोना के कारण चैत्र नवरात्रे नहीं हो पाए। इसके अलावा 2019 में चैत्र नवरात्रों में 70 लाख और 2018 में 61 लाख रुपये श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए थे।
दो वर्षों बाद ज्वालामुखी में चैत्र नवरात्र पर अच्छा चढ़ावा देखने को मिला और अभी तीन दिन की गणना बाकी है। मंदिर अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि बेहतर सुविधाओं के कारण श्रद्धालु दर्शन शांतिपूर्वक कर पाए हैं और माता के चरणों में दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाया गया है।
किस नवरात्र कितना रहा चढ़ावा
नवरात्र नकदी श्रद्धालु
पहला 1166773 24800
दूसरा 966887 32800
तीसरा 636592 12000
चौथा 708197 15900
पांचवा 507431 12000
छठा 608870 10140
सातवां 1179202 20653