ऊना जिले के गगरेट हलके के अयोग्य करार दिए गए विधायक चैतन्य शर्मा का कहना है कि हिमाचल की राजनीति के इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री ने इस प्रकार द्वेषभावना से कार्य नहीं किया गया होगा, जो मौजूदा मुख्यमंत्री कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट हलके के अयोग्य करार दिए गए विधायक चैतन्य शर्मा का कहना है कि हिमाचल की राजनीति के इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री ने इस प्रकार द्वेषभावना से कार्य नहीं किया गया होगा, जो मौजूदा मुख्यमंत्री कर रहे हैं। वह अपनी कुर्सी बचाओ मुहिम के अंतर्गत और लोगों की उम्मीदों का बलिदान देते हुए चहेतों को रेवड़ियों की तरह विभाग बांट रहे हैं। नजदीकियों को सरकारी बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त कर रहे हैं। उन्होंने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री का अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ तानाशाही वाला रवैया ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला। हिमाचल प्रदेश के राजनैतिक इतिहास में मौजूदा तानाशाह मानसिकता वाले मुख्यमंत्री के 14 महीने का कार्यकाल काले अक्षरों में लिखा जाएगा।
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हिमाचल के लोगों के बेहतर भविष्य और लोकतंत्र को मजबूत रखने की हमारी कोशिश आखिरी सांस तक जारी रहेगी। हाल ही में मौजूदा मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की ओर से की गई गतिविधियां अलोकतांत्रिक, असांविधानिक और अनैतिक हैं। मेरे और मेरे परिवार वालों के खिलाफ षड्यंत्र रचने में और उन्हें अपमानित करने में मौजूदा मुख्यमंत्री और उनकी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हाल ही में मेरे पिता के खिलाफ एक झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। मेरे घर, दफ्तर और मेरी स्वयंसेवी संस्था के वालंटियर्स और उनके परिजनों को लगातार पुलिस और सीआईडी परेशान कर रही है। मुख्यमंत्री बदले की भावना से कार्य कर रहे है।