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सीमेंट विवाद: सीमाएं सील करने की चेतावनी के बीच प्रशासन की ट्रक ऑपरेटरों और अदाणी कंपनी के साथ बैठक भी बेनतीजा

Fri, 17 Feb 2023 09:54 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर

सार

बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) की जिले की सीमाएं सील करने की चेतावनी के बीच उपायुक्त ने ट्रक ऑपरेटरों और अदाणी कंपनी के अधिकारियों को बैठक के लिए बुला लिया, लेकिन साढ़े छह घंटे तक चली वार्ता भी बेनतीजा रही।
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बीडीटीएस का धरना व डीसी के साथ बैठक में पदाधिकारी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सीमेंट मालभाड़ा विवाद हल न होने से नाराज बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) की जिले की सीमाएं सील करने की चेतावनी के बीच उपायुक्त ने ट्रक ऑपरेटरों और अदाणी कंपनी के अधिकारियों को बैठक के लिए बुला लिया, लेकिन साढ़े छह घंटे तक चली वार्ता भी बेनतीजा रही। ट्रक ऑपरेटरों ने शुक्रवार को बाहरी राज्यों से आने वाले मालवाहकों को रोकने के लिए जिले की सीमाएं सील करने की बात की थी। इसी बीच उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने सुबह 11:00 बजे उपायुक्त कार्यालय में ऑपरेटरों और कंपनी के अधिकारियों को बैठक के लिए बुला लिया।

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उपायुक्त ने पहले ट्रक ऑपरेटरों और फिर कंपनी के अधिकारियों से बात की। तीन-तीन राउंड बात करने के बाद अदाणी कंपनी ने सीमेंट डिस्पैच पर सहमति जताई। उन्होंने माना कि कंपनी आठ हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन डिस्पैच ऑपरेटरों को देगी। वहीं, प्रति किलोमीटर प्रति टन सीमेंट ढुलाई के लिए छोटे ट्रकों का 10.30, बड़े ट्रकों का 9.30 रुपये मालभाड़ा देंगे, लेकिन ऑपरेटरों की मांग थी कि जो किराया सरकार ने कंपनी को बताया है, उन्हें वही चाहिए। कंपनी अगर अल्ट्राटेक के बराबर 10.71 रुपये मालभाड़ा भी दे देती है तो भी सीमेंट ढुलाई करेंगे। इसके अलावा पूरे पंजाब के डंपों का सीमेंट ढुलाई का कार्य बीडीटीएस करेगी। इस पर सहमति नहीं बनी।

उपायुक्त ने बताया कि ऑपरेटरों और अदाणी समूह के साथ विवाद सुलझाने के लिए करीब साढ़े छह घंटे बैठक चली, लेकिन कई मुद्दों पर दोनों में सहमति नहीं बनी। वहीं, सभा के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने कहा कि कंपनी को वही किराया बताया था जो सरकार ने तय किया है, लेकिन कंपनी उसे देने को भी तैयार नहीं है। वहीं, कंपनी हिमाचल में 4,000 मीट्रिक टन सीमेंट और 3,300 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्लींकर डिस्पैच देने की बात कर रही है और पंजाब के सभी डंपों पर अपनी मर्जी से गाड़ियां भेजने की बात कर रही है। ऐसा होता है तो ऑपरेटरों के पास कोई काम ही नहीं रहेगा। पंजाब में सिर्फ आनंदपुर साहिब डंप ही बीडीटीएस को देने की बात की जा रही है, जबकि गंगवाल,भठिंडा और रोपड़ सहित अन्य डंपों पर बीडीटीएस को काम न देने की बात हुई। इस पर ऑपरेटर सहमत नहीं हैं।
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 सीमाओं पर कड़ा पहरा
सभा के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर जिले की सीमाओं पर शनिवार से पहरा कड़ा करेंगे। बाहरी राज्यों से कोई भी मालवाहक वाहन जिला में प्रवेश नहीं करेगा। दूध, ब्रेड, सब्जी और जरूरी वस्तुओं से लदे वाहनों को ही आने दिया जाएगा, ताकि आम जनता को परेशानी न हो। पंजाब और हरियाणा की तरफ से भवन निर्माण संबंधी कच्चा माल ईंट, रेत और बजरी भर कर लेकर आने वाले माल वाहकों को हिमाचल सीमा के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। चार वार्डों के ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि बरमाणा यूनियन के ट्रक ऑपरेटरों द्वारा इस बारे में रणनीति तैयार की जा रही है। शनिवार को नेशनल हाईवे चंडीगढ़ मनाली पर स्वारघाट के समीप बिल्डिंग मैटेरियल लेकर आ रहे वाहनों को हिमाचल में आने से रोका जाएगा। कहा कि बाहरी राज्यों से आ रहे उन मालवाहक वाहनों में अगर ओवरलोड पाया जाता है तो पुलिस के सहयोग से उनका मौके पर ही एमवीआई एक्ट के तहत चालान भी ट्रांसपोर्टर द्वारा कराया जाएगा। चार वार्ड के ट्रांसपोर्टर स्वारघाट में नाके पर मौजूद रहेंगे। 

दाड़लाघाट के ट्रक ऑपरेटर भी 10.71 रुपये मालभाड़े पर अड़े
दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट बंद हुए 64 दिन हो गए। सरकार और अदाणी प्रबंधकों के साथ ट्रक ऑपरेटर्स की कई दौर की वार्ताएं होने के बावजूद अभी तक सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। दी जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर कोऑपरेटिव सोसायटी दाड़लाघाट (एसडीटीओ) के प्रधान जयदेव कौंडल, बाघल लैंडलूजर के पूर्व प्रधान राम कृष्ण शर्मा व अंबुजा दाड़ला कश्लोग मांगू परिवहन सहकारी सभा (एडीकेएम) के पूर्व प्रधान बालक राम शर्मा का कहना है कि अंबुजा कंपनी 10 रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक रेट देने को तैयार नहीं है, जबकि ट्रक ऑपरेटर 10.71 रुपये से कम नहीं लेंगे। नजदीकी अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी भी यही भाड़ा दे रही है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में मामला नहीं सुलझा तो 20 फरवरी को होने वाली सभा में अगली रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
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