स्मार्ट सिटी के तहत शहर के प्रवेशद्वारों समेत 14 चौराहों पर लगाए कैमरे
क्रॉसर
अब एएनपीआर कैमरे में कैद होगा वाहनों का डाटा
चोरी की वारदातों को निपटाने में मददगार होगी तकनीक
शिमला। राजधानी शिमला की सीमाओं की सुरक्षा चारों दिशाओं से अभेद्य हो गई है। शहर के एंट्री प्वाइंट समेत मुख्य चौराहों पर एएनपीआर (आटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर) कैमरे लगाए गए हैं।
नाइट विजन के कैमरों में हर गतिविधियों की मूवमेंट कैद हो जाएगी। कैमरों की खासियत वाहनों के डाटा बेस को कैद करने की है। कैमरे की जद में आने वाले वाहन की लोकेशन का पता आसानी से चल सकेगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पहले चरण में शिमला पुलिस ने शहर के अलग-अलग 14 क्षेत्रों में कैमरे स्थापित कर दिए हैं। शहर के एंट्री प्वाइंट शोघी, तवी मोड़ (मंडी हाइवे), कैची मोड़ (नालागढ़ हाइवे), समरहिल चौक (लोेअर), कनेडी चौक, चक्कर, एजी चौक, आईएसबीटी, समरहिल चौक (एचपीयू), आईजीएमसी, खलीनी चौक, लोअर खलीनी, भट्ठाकुफर (शनान), संजौली चौक पर एएनपीआर कैमरे स्थापित किए हैं।
शहर के मुहल्लों में भी कैमरे लगाने का काम चल रहा हैं। ऐसे में हर गतिविधियों पर अब कैमरे की नजर रहेगी। एएनपीआर कैमरे की मदद से चोरी की वारदातें रोेकने के साथ ट्रैफिक नियंत्रण करने में भी मदद मिलेगी। ओवर स्पीड वाहन चलाने वालों की भी अब खैर नहीं। सैटेलाइट की मदद से कैमरों को एसपी ऑफिस में कंट्रोल रूम से लिंक कर डाटा बेस को एकत्रित किया जा सकता है। डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने बताया कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैमरे लगाए जा रहे हैं।
कैमरों की खासियत
सड़क पर वाहन जिस तेज गति से दौड़ेगा, उसका नंबर आसानी से कैमरे में कैद हो जाएगा। सड़क पर गुजरने वाले हर वाहन का डाटा कैमरे में कैद हो जाता है। कैमरे में रिकार्डिंग के माध्यम से गाड़ी की लोकेशन भी पता चलेगी। कैमरों हर गाड़ी की फोटो कैप्चर कर देता है और अपने पास वाहन का डाटा बना लेता है। इसके अलावा नंबर प्लेट, टाइप ऑफ व्हीकल और कलर से भी वाहन मालिक का पता आसानी से चल सकेगा।