संभावित है कि अगले सप्ताह से सीबीआई की टीमें पूछताछ शुरू कर देंगी। साल 2013 से छात्रवृत्ति शाखा में काम कर चुके अधिकांश अफसरों-कर्मचारियों के तबादले अन्य जिलों के उपनिदेशक कार्यालयों सहित सरकारी स्कूलों में हो चुके हैं।
अब सीबीआई ने इनसे संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाएगी। इनसे पूछताछ करने तक निजी शिक्षण संस्थानों से जब्त किए गए कंप्यूटरों, हार्ड डिस्क की रिपोर्ट भी आ जाएगी। सीबीआई की इस कवायद के बाद से उच्च शिक्षा निदेशालय में हड़कंप मच गया है।
उधर, शिक्षा निदेशालय के सूत्रों के अनुसार साल 2013 से छात्रवृत्ति शाखा में करीब 200 अधिकारी और कर्मचारी काम कर चुके हैं। अधिकांश के अब शिमला से बाहर तबादले हो चुके हैं। कुछ अधिकारी और कर्मी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।