आत्महत्या करने इतनी दूर क्यों गए विमल नेगी, इस सवाल का जवाब ढूंढ रही सीबीआई
विमल नेगी की रहस्यमयी मौत को सुलझाने की गुत्थी आसान नहीं दिख रही। नेगी की मौत को आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन इसमें यह सवाल उठना लाजिमी है कि विमल को अगर आत्महत्या करनी ही होती तो वह शिमला से इतना दूर क्यों जाते। यह भी प्रश्न है कि भराड़ी में किन लोगाें से मिलने के लिए रुके। जिस व्यक्ति ने आत्महत्या करने की ठान ली हो तो वह क्या रास्ते में मिलते हुए चलेगा। ऐसे कई गंभीर सवाल हैं, जिनका सटीक जवाब ढूंढने के लिए सीबीआई माथापच्ची कर रही है। लैपटॉप और मोबाइल मिलने के बाद कई राज खुल सकते हैं। हालांकि सोमवार को शिमला में हुई प्रेसवार्ता में विमल नेगी जनजातीय न्याय मंच आरोप लगा चुका है कि यह आत्महत्या नहीं है। सीबीआई इस मंच के लोगों से भी तथ्यों को जुटा सकती है।
नेगी की ईमेल आईडी, फोन डिटेल और सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही जांच एजेंसी
शिमला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जांच का रिकॉर्ड लेने के बाद अब सीबीआई विमल नेगी की ईमेल आईडी, फोन डिटेल और सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। विमल नेगी किन-किन लोगों से मिलते रहे हैं, इसका भी बारीकी से पता किया जा रहा है। सीबीआई ने पुलिस एसआईटी की ओर से की जांच और नेगी मौत मामले की छानबीन करने के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं। इसने पॉवर कॉरपोरेशन से रिकॉर्ड जुटा लिया है। फोरेंसिक लैब जुन्गा को भेजे सैंपल की भी रिकॉर्ड तलब किया है। सीबीआई की एक टीम को डीआईजी लीड कर रहे हैं, जबकि दूसरी टीम पुलिस अधीक्षक राजपाल की अगुवाई में जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। जांच में जिन-जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम है। सीबीआई की टीम बारी-बारी करके उनमें से कई को पूछताछ के लिए बुला सकती है।