मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के डमराली स्थित सेब बगीचों की जांच कर सीबीआई की टीम लौट गई है। सीबीआई अधिकारियों ने मौके से ये आंकड़े जुटाए हैं कि सीएम के इस बगीचे से हर साल कितनी आमदनी होती है। इस बगीचे से होने वाली आय को लेकर पड़ताल की जा रही है।
केंद्रीय जांच एजेंसी आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ जांच में जुटी है। यही कारण है कि सीबीआई के अधिकारियों ने उक्त बगीचे की राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में इस बगीचे की पैमाइश करवाई। बागवानी विशेषज्ञों की उपस्थिति में पेड़ों की गिनती करवाने के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन पेड़ों से हर साल सेब की कितनी पैदावार हो रही है।
बताया जा रहा है कि सीबीआई डमराली के सेब बगीचे में होने वाली सेब की पैदावार का रिकार्ड भी जुटा रही है। पिछले कई सालों के औसत उत्पादन का रिकार्ड भी निकाला जा रहा है। जांच की जा रही है सही मायनों में अभी तक बगीचे से कितनी आमदनी हुई है। क्या यह बगीचा ही आमदनी का स्रोत रहा है?
बागवानी विशेषज्ञों की मदद से पता लगाया जा रहा है कि डमराली बगीचे से अधिकतम कितना सेब पैदा किया जा सकता है। बगीचे का सेब खरीदने वालों से भी पूछताछ की जा रही है। बगीचे से मोटी आय होने की बात जांच अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है। यही कारण है कि सीबीआई टीम इस मामले में अभी और कसरत कर में जुटी है।