सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी व अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच पूरी हो गई है। जांच एजेंसी ने अदालत से सभी आरोपियों के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल करने की इजाजत देने का आग्रह किया।
अदालत ने मामले की सुनवाई आठ सितंबर तक स्थगित कर दी। इस अवधि तक फिलहाल वीरभद्र व अन्य को राहत मिल गई। न्यायमूर्ति विपिन सांघी के समक्ष सीबीआई की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस पटवालिया ने कहा कि हमारा आरोपपत्र तैयार है और हम उसे दायर करना चाहते हैं।
उन्होंने अदालत को बताया कि हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार बिना अदालत की अनुमति के सीबीआई मामले में अपना आरोपपत्र दायर नहीं कर सकती। अदालत ने सीबीआई का पक्ष सुनने के बाद मामले की सुनवाई के लिए आठ सितंबर की तारीख तय कर दी।
हिमाचल हाईकोर्ट ने लगा रखी है वीरभद्र की गिरफ्तारी पर रोक
गौरतलब है कि हिमाचल हाईकोर्ट ने वीरभद्र सिंह की याचिका पर एक अक्तूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में उनकी गिरफ्तारी, पूछताछ या अदालत की अनुमति के बिना इस मामले में सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने पर रोक लगा दी थी।
सीबीआई ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और अदालत ने इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन अंतरिम आदेश बरकरार रखा था।