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तीन सीमेंट कंपनियों पर छह करोड़ टैक्स और जुर्माना

Tue, 30 Aug 2016 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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प्रदेश में सीमेंट बनाकर यहीं महंगा बेचने वाली तीन सीमेंट कंपनियों पर आबकारी एवं कराधान विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच साल में कच्चे माल पर एंट्री टैक्स न देने पर कंपनियों को छह करोड़ टैक्स और जुर्माना लगाया है। जुलाई 2016 के अंत में कंपनियों को नोटिस जारी कर एक माह में जुर्माने और कर अदायगी की हिदायत थी।
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दो कंपनियों ने गलती स्वीकार कर पांच करोड़ 25 अगस्त से पहले जमा करवाए। एक कंपनी ने कुछ मोहलत मांगी है। जांच में पाया गया है कि पांच साल में कंपनियों ने बाहरी राज्यों से करीब 380 करोड़ का पेट कोक/ कोल (कोयला) मंगवाकर उत्पादन किया है। तैयार माल बाहरी राज्यों में बेचा है।

सरकार ने जनवरी 2011 को प्रदेश में आयातित कच्चे माल एवं उद्योगों में प्रयोग होने वाले अन्य पदार्थों पर 2 फीसदी एंट्री टैक्स लगाया। शुरू में कुछ ईंधनों कोक/ कोल (कोयला) को टैक्स से बाहर रखा था। जुलाई 2011 में एंट्री टैक्स में संशोधन किया गया।
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इसमें एंट्री टैक्स 2 फीसदी से कम कर 1 फीसदी किया। ईंधनों कोक/ कोल (कोयला) पर मिलने वाली छूट समाप्त कर दी। सीमेंट कंपनियां अन्य कच्चे माल पर टैक्स देती रहीं, लेकिन ईंधन आदि पर जुलाई 2011 के बाद किसी कंपनी ने टैक्स नहीं दिया। रिटर्न स्क्रूटनी के दौरान यह मामला पकड़ा गया।

यह है एंट्री टैक्स
एंट्री टैक्स उन उद्योगों या माल पर लगाया जाता है, जो हिमाचल के बाहर से कच्चा माल मंगवाकर तैयार माल पूरी तरह या आंशिक रूप से बाहर भेजे हैं। प्रदेश को किसी भी प्रकार का सेल टैक्स नहीं दिया जाता। प्रदेश में स्थित सीमेंट कंपनियां भी अपना अधिकांश उत्पादित माल प्रदेश के बाहर भेज देती हैं।

पांच करोड़ जमा, एक करोड़ शेष : सुनील
उड़नदस्ता दक्षिणी क्षेत्र परवाणू के प्रभारी उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि 2011 से 31 मार्च, 2016 तक इन सीमेंट कंपनियों ने 380 करोड़ का कच्चा माल बाहरी राज्यों से बिना एंट्री टैक्स मंगवाया। तीनों कंपनियों पर 6 करोड़ का कर और जुर्माना लगाया है।

एक कंपनी का कहना था कि जुलाई 2011 में हुए संशोधन का पता नहीं चला, अन्यथा टैक्स पूरा भरते। दूसरी कंपनी का कहना था कि एक्ट में ईंधन से संबंधित टैक्स का प्रावधान दो स्थानों पर होने से स्थिति स्पष्ट नहीं थी। दो कंपनियों ने पांच करोड़ सरकारी कोष में जमा करवा दिए हैं। तीसरा मामला विचाराधीन है। टीम मेें अमित शोषटा, इंस्पेक्टर अमित कश्यप, दीप चंद शर्मा और निर्मला देवी प्रमुख रहे।
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