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Shimla News: राजधानी में अब घर बैठे दुकानों का किराया दे सकेंगे कारोबारी

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शहर में नगर निगम की दुकानें चला रहे 1100 से ज्यादा दुकानदारों को बड़ी राहत, निगम ने शुरू की ऑनलाइन सुविधा
एक जुलाई से जारी होंगे किराया बिल, कैश काउंटर के साथ ऑनलाइन भुगतान की मिलेगी सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की दुकानें और स्टॉल चला रहे 1,100 से ज्यादा कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर है। ये इस साल से घर बैठे ही दुकानों का किराया जमा कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम जुलाई से किराया भुगतान के लिए ऑनलाइन सुविधा देने जा रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स की तर्ज पर अब लीज पर मिली दुकानों, स्टॉल और जमीनों का किराया भी ऑनलाइन जमा हो सकेगा। नगर निगम के अनुसार एक जुलाई से सभी किराएदारों को इस वित्तीय वर्ष के किराया बिल जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बिल मिलने के बाद कारोबारी कैश काउंटर के अलावा घर बैठे भी नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन किराया भुगतान कर सकते हैं। नगर निगम पिछले आठ साल से इस योजना को लागू करने का दावा कर रहा है। बीते साल भी इस सुविधा को शुरू करने की तैयारी थी लेकिन सॉफ्टवेयर पूरी तरह से तैयार न होने के कारण कारोबारियों को इसकी सुविधा नहीं मिल पाई। अब इस साल से इसे लागू किया जा रहा है। शहर में नगर निगम ने अभी प्रॉपर्टी टैक्स और कूड़ा शुल्क की भी ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दे रखी है। शहर में नगर निगम की अब 1400 से ज्यादा संपत्तियां हैं। इनमें 1100 से ज्यादा तो दुकानें और स्टॉल ही हैं।
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इस बार घर बैठे जमा होगा किराया
डॉ. भुवन नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि इस साल से कारोबारियों को किराया भुगतान की ऑनलाइन सुविधा शुरू की जा रही है। पहली जुलाई के बाद सभी किराएदारों को निगम बिल जारी कर देगा।
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टैक्स के बिल भी जल्द देने की तैयारी
शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी करने को लेकर भी निगम प्रशासन ने तैयारियां करने के निर्देश दे दिए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि जुलाई के पहले हफ्ते से टैक्स के बिल जारी करने को कहा गया है। नए सॉफ्टवेयर में भवन मालिकों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है। इसका काम अगले दो-तीन दिन में पूरा करने को कहा गया है। शहर में 32 हजार भवन मालिक हैं, इनसे नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। अप्रैल में लोगों को टैक्स के बिल जारी किए जाते हैं लेकिन इस बार निगम ने ड्रोन के जरिये भवनों का सर्वेक्षण करवाया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही अब लोगों को बिल जारी होंगे।
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