हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने एक जुलाई से स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार केंद्र चुनने की सुविधा दी है। परीक्षा केंद्र बदलने के लिए विवि ने स्टूडेंट पोर्टल खोल दिया है। विद्यार्थी अपने लॉगइन आईडी से परीक्षा केंद्र बदल सकेंगे। सुविधा कुछ शर्तों के साथ दी गई है। जिस केंद्र में विद्यार्थी परीक्षा देना चाहते हैं, वहां संबंधित स्ट्रीम या कोर्स की परीक्षा का केंद्र होने पर ही अनुमति दी जाएगी।
परीक्षा केंद्र पहली बार बदलने की फीस विवि नहीं लेगा। दूसरी बार छात्र को दो हजार रुपये फीस देनी होगी। विद्यार्थी अपनी मर्जी से बिना ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बदले परीक्षा में बैठते हैं तो उनका परिणाम लटक जाएगा। जिस केंद्र में पहली परीक्षा होगी, उसी में पूरी परीक्षाएं देनी हाेंगी। बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री कोर्स के करीब 35 हजार विद्यार्थी एक जुलाई से परीक्षाएं देंगे। बीएड की परीक्षाएं सात जुलाई से होंगी। इसके लिए प्रदेश में 156 केंद्र बनाए गए हैं।
इनकी सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र को परीक्षा केंद्र बदलने से पहले अपने कॉलेज और जिस महाविद्यालय में परीक्षा देना चाहता है, वहां संपर्क करना होगा। केंद्र बदलने की सूचना दोनों कॉलेजों को देनी होगी। विवि को कॉलेज प्राचार्य सूचित करेंगे। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही परीक्षार्थी का नाम नई कट लिस्ट में शामिल होगा। छात्र को केंद्र बदलने के बाद नए एडमिट कार्ड/रोलनंबर भी डाउनलोड कर लाना होगा।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि यूजी फाइनल ईयर और जुलाई में होने वाली अन्य परीक्षाओं में अपीयर होने वाले विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से परीक्षा केंद्र बदल सकेंगे। केंद्र बदलने से पहले अपने स्ट्रीम की नए चुने जाने वाले केंद्र में परीक्षा संबंधित जानकारी संबंधित कॉलेज से जुटानी होगी और अपने कॉलेज को भी इसकी सूचना देनी होगी। पहली बार सुविधा निशुल्क होगी।