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कर्मचारी चयन आयोग: जेई भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित

Tue, 03 Aug 2021 09:18 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर

सार

सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि लिखित परीक्षा परिणाम की मेरिट के आधार पर आयोग ने 76 अभ्यर्थियों का चयन आगामी पंद्रह अंकों की मूल्यांकन परीक्षा के लिए किया है। यह 31 अगस्त 2021 को आयोग के कार्यालय में होगी। 
 
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हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने पोस्ट कोड 845 जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने सितंबर 2020 को हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में जेई के 23 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे थे। इसके बाद आयोग ने 13 फरवरी 2021 को लिखित परीक्षा करवाई। सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि लिखित परीक्षा परिणाम की मेरिट के आधार पर आयोग ने 76 अभ्यर्थियों का चयन आगामी पंद्रह अंकों की मूल्यांकन परीक्षा के लिए किया है। यह 31 अगस्त 2021 को आयोग के कार्यालय में होगी। 

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जेई, फार्मासिस्ट परीक्षा के सैकड़ों आवेदन रद्द
उधर, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने इस माह प्रस्तावित भर्ती परीक्षा से महज एक सप्ताह पूर्व सैकड़ों अपात्र अभ्यर्थियों के आवेदन रद्द कर दिए हैं। पोस्ट कोड 923 जेई सिविल की लिखित परीक्षा 10 अगस्त को होनी है। इसी तरह पोस्ट कोड 894 फार्मासिस्ट एलोपैथी की परीक्षा 22 अगस्त को सायंकालीन सत्र में होगी। जेई के कुल 10 पद, जबकि फार्मासिस्ट के 100 पद भरे जाएंगे। लेकिन इस लिखित परीक्षा से पूर्व आयोग ने प्राप्त हुए आवेदन पत्रों की छंटनी कर अयोग्य और अधूरे आवेदनों को रद्द कर दिया है। जेई के पदों के लिए आवेदन करने वाले करीब 976 अभ्यर्थियों ने निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा नहीं करवाया है।

जबकि आयोग ने 2134 अन्य अभ्यर्थियों की सूची भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है, जिसमें अधिकतर अभ्यर्थियों ने एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग की श्रेणियों में गलत आवेदन किया है। इसी तरह आयोग ने फार्मासिस्ट एलोपैथी के भी 970 अभ्यर्थियों के आवेदन निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा नहीं करवाने पर रद्द किए हैं। इससे भर्ती परीक्षा की तैयारियों में जुटे अभ्यर्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आयोग तीन दिन के भीतर परीक्षा शुल्क का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने पर रद्द हुए आवेदनों पर फिर से विचार कर लेता है। उधर, प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि आयोग ने अधूरे आवेदनों को रद्द किया है। कुछ अभ्यर्थियों ने निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा नहीं करवाया तो कुछ ने गलत श्रेणियों में आवेदन कर दिया है।

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