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नगर निगम चुनाव का थमा प्रचार, सात अप्रैल को होगा मतदान

Mon, 05 Apr 2021 09:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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चुनाव हिमाचल(सांकेतिक)
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हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों, छह नगर पंचायतों और 128 पंचायत प्रधानों के चुनाव के लिए सोमवार अपराह्न 4 बजे प्रचार थम गया। बुधवार 7 अप्रैल को सुबह 8 से दोपहर बाद 4 बजे तक मतदान होगा। इसके लिए सोमवार को चुनाव आयोग ने अधिकांश पोलिंग पार्टियों को रवाना कर दिया। कुल 534 मतदान केंद्रों में 3000 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना संक्रमित वोटरों के लिए 4 बजे के बाद एक घंटे का समय वोट डालने के लिए रखा है। 

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सोमवार को प्रचार बंद होने से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी में पार्टी प्रत्याशियों के हक में वोट मांगने के लिए डटे रहे। दूसरी ओर सोलन में कांग्रेस की ओर से रैली का आयोजन किया गया। रैली में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को शामिल होना था, लेकिन वह रैली में नहीं पहुंचे। विधायक विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए वीरभद्र सिंह को रैली में जाने की इजाजत नहीं दी। चुनाव आयोग ने चार नगर निगमों धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी में चुनाव के लिए कुल 164 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

इन केंद्रों के लिए मंगलवार को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। चुनाव से एक दिन पहले सभी मतदान केंद्रों को सैनिटाइज किया जाएगा। वोटरों के खड़े होने के लिए उचित दूरी पर गोले लगाए जाएंगे। मतदान केंद्रों में सुरक्षा बल तैनात होंगे, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सकें। प्रत्येक मतदान केंद्र में स्वास्थ्य विभाग का एक-एक कर्मचारी पीपीई किट के साथ तैनात रहेगा और कोरोना संक्रमित वोटरों को मतदान कराने में मदद करेगा। वोट डालने से पहले वोटरों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। राज्य चुनाव आयोग अधिकारी संजीव महाजन ने कहा कि सोमवार अपराह्न 4 बजे के बाद से चुनाव प्रचार थम गया है। दूर के मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियों को चुनाव सामग्री के साथ रवाना कर दिया है। 

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सात अप्रैल मध्यरात्रि तक धर्मशाला पालमपुर में नहीं बिकेगी शराब: डीसी

नगर निगम धर्मशाला और पालमपुर के चुनाव के दृष्टिगत जिला निर्वाचन अधिकारी व उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने दोनों नगर निगम क्षेत्रों में 7 अप्रैल को मध्यरात्रि या मतगणना समाप्त होने तक शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान नगर निगम के क्षेत्रों में होटल, कैटरिंग हाउस, सराय, दुकान या किसी अन्य सार्वजनिक या निजी स्थान पर शराब बिक्री नहीं होगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिला में 5 अप्रैल शाम 3 बजे से 7 अप्रैल की मध्यरात्रि तक कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक बैठक, सभा या जुलूस को संबोधित नहीं कर सकता है, न ही किसी चुनावी मामले को सिनेमाटोग्राफी, टेलीविजन या अन्य माध्यम से जनता के सामने प्रदर्शित कर सकता है।
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शहरी विकास मंत्री के मैदान में उतरे बिना थमा चुनाव प्रचार

 हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के चुनाव मैदान में उतरे बिना ही सोमवार को प्रचार थम गया। उनकी चार में से किसी भी नगर निगम क्षेत्र में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। भारद्वाज के पास न सिर्फ नगर विकास विभाग का जिम्मा है, बल्कि सोलन नगर निगम शिमला संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से वह मंत्री हैं।  खास बात यह है कि संसदीय क्षेत्र के नगर निगम में चुनाव के चलते डॉ. रामलाल मारकंडा, गोविंद ठाकुर, सुखराम चौधरी और वीरेंद्र कंवर तक को प्रचार में उतारा गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग को भी जिम्मा सौंपा गया।

हालांकि, स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह दूर रहे, लेकिन नगर निगम जिस शहरी विकास विभाग के अधीन आते हैं, उसके मौजूदा मंत्री सुरेश भारद्वाज को चुनावों से दूर रखा जाना सियासी पंडितों की समझ से दूर है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने से पहले पार्टी के भीतर की गुटबाजी अब हावी होना शुरू हो गई है। इसी वजह से ही भारद्वाज को चुनावों से दूर रखा गया है। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भारद्वाज की चुनाव में ड्यूटी न लगाए जाने से इंकार किया है। कहा कि उनकी सोलन में ड्यूटी लगाई गई थी। कहा कि भारद्वाज चारों नगर निगमों के विकास के लिए प्रयासरत हैं। उनके और सरवीण चौधरी के किए गए कार्यों को ही पार्टी चुनाव में मुद्दा बनाकर जनता से वोट मांग रही है।
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