नगर निगम धर्मशाला और पालमपुर के चुनाव के दृष्टिगत जिला निर्वाचन अधिकारी व उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने दोनों नगर निगम क्षेत्रों में 7 अप्रैल को मध्यरात्रि या मतगणना समाप्त होने तक शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान नगर निगम के क्षेत्रों में होटल, कैटरिंग हाउस, सराय, दुकान या किसी अन्य सार्वजनिक या निजी स्थान पर शराब बिक्री नहीं होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिला में 5 अप्रैल शाम 3 बजे से 7 अप्रैल की मध्यरात्रि तक कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक बैठक, सभा या जुलूस को संबोधित नहीं कर सकता है, न ही किसी चुनावी मामले को सिनेमाटोग्राफी, टेलीविजन या अन्य माध्यम से जनता के सामने प्रदर्शित कर सकता है।
हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के चुनाव मैदान में उतरे बिना ही सोमवार को प्रचार थम गया। उनकी चार में से किसी भी नगर निगम क्षेत्र में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। भारद्वाज के पास न सिर्फ नगर विकास विभाग का जिम्मा है, बल्कि सोलन नगर निगम शिमला संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से वह मंत्री हैं। खास बात यह है कि संसदीय क्षेत्र के नगर निगम में चुनाव के चलते डॉ. रामलाल मारकंडा, गोविंद ठाकुर, सुखराम चौधरी और वीरेंद्र कंवर तक को प्रचार में उतारा गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग को भी जिम्मा सौंपा गया।
हालांकि, स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह दूर रहे, लेकिन नगर निगम जिस शहरी विकास विभाग के अधीन आते हैं, उसके मौजूदा मंत्री सुरेश भारद्वाज को चुनावों से दूर रखा जाना सियासी पंडितों की समझ से दूर है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने से पहले पार्टी के भीतर की गुटबाजी अब हावी होना शुरू हो गई है। इसी वजह से ही भारद्वाज को चुनावों से दूर रखा गया है। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भारद्वाज की चुनाव में ड्यूटी न लगाए जाने से इंकार किया है। कहा कि उनकी सोलन में ड्यूटी लगाई गई थी। कहा कि भारद्वाज चारों नगर निगमों के विकास के लिए प्रयासरत हैं। उनके और सरवीण चौधरी के किए गए कार्यों को ही पार्टी चुनाव में मुद्दा बनाकर जनता से वोट मांग रही है।